छह शहरों में नई तकनीक से घर बनाएगी केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश समेत इन राज्यों से मिले प्रस्ताव
- लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालय को मिले 43 प्रस्ताव, समिति कर रही आकलन
- यूपी, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और त्रिपुरा से मिल चुके हैं प्रस्ताव
- नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके छह हजार से ज्यादा मकानों का निर्माण करना है
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केंद्र सरकार ने देश के छह शहरों को एक प्रायोगिक योजना के लिए चुना है। इसके तहत नई तकनीक के इस्तेमाल से लागत कम करके टिकाऊ और आपदारोधी मकान बनाए जाने हैं। लाइट हाउस योजना के तहत केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय को लखनऊ समेत छह शहरों से 43 प्रस्ताव मिले हैं।
मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि नई तकनीक पर संबंधित शहरों में करीब छह हजार मकान बनेंगे। अब सभी प्रस्तावों का मूल्यांकन एक कमेटी करेगी। सबसे बेहतर प्रोजेक्ट का चयन कर संबंधित शहर में इस पर काम होगा।
इससे पहले मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गुजरात के राजकोट, झारखंड के रांची, मध्य प्रदेश के इंदौर, तमिलनाडु के चेन्नई और त्रिपुरा के अगरतला की पहचान लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए की थी। इसके लिए शहरों से जीएचटीसी-इंडिया के तहत प्रस्ताव मंगाए गए थे। मंत्रालय को फिलहाल 19 एजेंसियों से 43 प्रस्ताव मिले हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मूल्यांकन समिति अब तकनीकी प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट पेश करेगी। इसके आधार पर आगे काम होगा। छह शहरों में मंत्रालय की तरफ से प्रमाणित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके छह हजार से ज्यादा मकानों का निर्माण करना है। यह न सिर्फ भूकंपरोधी होंगे, बल्कि यहां अक्षय ऊर्जा स्रोत का इस्तेमाल होगा। यही नहीं, मकानों की लागत भी कम रहेगी।
समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने पर अवार्ड
मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि 54 तकनीकों का मंत्रालय ने चयन किया है। इन तकनीकों के सहारे अमूमन 36 महीने में बनने वाले मकानों का निर्माण एक साल में होगा। खास बात यह कि अगर किसी एजेंसी ने समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा कर लिया तो हर महीने के हिसाब से उसे दो हजार डॉलर का पुरस्कार भी मिलेगा।
चेन्नई से सबसे ज्यादा प्रस्ताव
अधिकारियों की मानें तो हर शहर ने प्रोजेक्ट के लिए दो हेक्टेयर से ज्यादा जमीन दी है। सबसे ज्यादा 11 प्रस्ताव चेन्नई ने दिए हैं। लखनऊ से 9 प्रस्ताव आए हैं। वहीं, राजकोट, इंदौर व रांची ने छह प्रस्ताव बनाए हैं। इसके अलावा अगरतला सेे पांच प्रस्ताव मिले हैं।