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प्याज की घटती कीमतों से परेशान किसानों की मदद की तैयारी में केंद्र, राज्य सरकारों से मांगा प्रस्ताव 

Sat, 15 Dec 2018 05:13 AM IST
गौरव द्विवेदी पीयूष पांडेय, नई दिल्ली। 
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली।  Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sat, 15 Dec 2018 05:13 AM IST
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Central Government is preparing to help farmers on falling Onion prices
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्याज की गिरती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार किसानों की मदद करने की तैयारी में है। कृषि मंत्रालय इसके लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के जरिए बाजार मूल्य मुहैया करा सकती है। इसके लिए मंत्रालय ने राज्य सरकारों से प्रस्ताव मांगा है। पिछले साल ऐसी ही घटना होने पर सरकार ने आलू की खरीद की थी।

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प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के किसानों को प्याज की घटती कीमतों के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में महाराष्ट्र के एक किसान ने प्याज की कम कीमत मिलने पर मनीऑर्डर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया था। इसके अलावा राजनीतिक दलों ने भी सरकार से प्याज की कीमतों का मसला सरकार के समक्ष उठाया है। साथ ही सरकार को भी यह चिंता है कि किसान को अगर कम कीमतें मिलेंगी तो वह रबी सीजन में  प्याज कम उगाएगा और फिर दाम बढ़ने पर हाहाकार मचेगा।
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कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्याज की कीमतों में सबलता लाने को लेकर चर्चा की गई है। लेकिन बिना राज्यों की पेशकश के केंद्र सीधे तौर पर इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। इसलिए प्याज उत्पादक राज्यों को इस संबंध में प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।  
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राज्य सरकारें जल्द भेजेंगी प्रस्ताव
अधिकारी ने बताया कि कृषि मंत्रालय किसानों की मदद करने को तैयार है और वह बाजार हस्तक्षेप योजना (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के तहत यह कदम उठाएगा। ताकि प्याज की पैदावार करने वाले किसान हतोत्साहित न हों। इस योजना के तहत केंद्र राज्यों को किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कोष मुहैया कराएगी। हालांकि कितना कोष मुहैया कराया जाएगा। यह कहना अभी मुश्किल हैं, क्योंकि राज्यों का प्रस्ताव आने के बाद ही इस मामले में स्पष्ट आकलन सामने आएगा। माना जा रहा है कि राज्य सरकारें जल्द केंद्र को अपना प्रस्ताव भेजेंगी, जिसके बाद किसानों को राहत मिलेगी।

महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित

 विशेषज्ञों के मुताबिक प्याज का भंडारण करना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार के पास प्याज की उचित मूल्य पर खरीदकर बाजार में भाव को बढ़ाना ही एक मात्र उपाय है, जिसके बारे में सरकार विचार कर रही है। ऐसे में राज्य की एजेंसियों के जरिए सरकार तय मात्रा में प्याज की खरीद कर सकती है। पिछले साल आलू की खरीद भी सरकार ने इसी तरह से की थी। ट्रांसपोर्टेशन सब्सिडी के साथ मंडी शुल्क में भी छूट मुहैया कराई जा सकती है।

गौरतलब है कि प्याज पैदावार करने वाले राज्यों में सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश हैं। महाराष्ट्र में किसानों की एक कंपनी एमपीएफसी ने इस संकट से निकलने के लिए उन राज्यों के साथ सीधे व्यापार करने की तैयारी की है, जहां प्याज की कमी है। इसके अलावा राज्य में पानी की कमी के कारण खरीफ की फसल की जल्द कटाई भी की जा रही है। साथ ही सरकारी स्तर पर अन्य उपायों को भी लागू करने की कवायद चल रही है।   

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