फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Central government included the civil aviation sector in the Emergency Credit Facility Guarantee Scheme

राहत: केंद्र सरकार ने आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को किया शामिल 

Mon, 31 May 2021 12:32 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 31 May 2021 12:32 AM IST
सार

  • वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 के कारण कई तरह की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई है जिसे देखते हुए ईसीएलजीएस का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन
Central government included the civil aviation sector in the Emergency Credit Facility Guarantee Scheme
इंडियन एयरलाइंस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार ने आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का दायरा बढ़ाते हुए रविवार को नागरिक उड्डयन क्षेत्र को भी इसमें शामिल कर दिया। इस निर्णय से कोविड-19 के कारण बुरी तरह प्रभावित नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नकदी की कमी के संकट से राहत मिलेगी।

विज्ञापन


उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र को ईसीएलजीएस योजना में शामिल का करने का निर्णय सही समय पर लिया गया है। इससे इस क्षेत्र पर दबाव थोड़ा कम होगा और नकदी की समस्या कम होगी। कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित नागरिक उड्डयन क्षेत्र को सरकार से मदद की उम्मीद थी।
विज्ञापन


नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हाल ही में घरेलू एयरलाइंस को कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर एक जून से क्षमता को 50 प्रतिशत सीमित करने की अनुमति दे दी थी। कोरोना के बढ़ते मामलों को नियंत्रण में करने के लिए कई राज्यों में लगे प्रतिबंधों से हवाई यातायात में काफी कमी आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि कोविड-19 के कारण कई तरह की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई है जिसे देखते हुए ईसीएलजीएस का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 

नागरिक उड्डयन क्षेत्र को ईसीएलजीएस 3.0 योजना के तहत शामिल किया गया है। मार्च में हॉस्पिटेलिटी, यात्रा और पर्यटन क्षेत्र को ईसीएलजीएस 3.0 योजना में शामिल किया गया था।


वित्त मंत्रालय ने साथ ही ईसीएलजीएस 3.0 के तहत बकाया की 500 करोड़ रुपये की मौजूदा सीमा भी हटा दी है। प्रत्येक कर्जदार के लिए ईसीएलजीएस सहायता को 40 प्रतिशत या 200 करोड़ रुपये में से जो भी कम हो, वह तय कर दिया गया है। विमानन उद्योग से जुड़े लोगों ने सरकार इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र में नकदी की कमी के संकट से राहत मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed