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Monkeypox: मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को किया आगाह, दिए ये निर्देश
Thu, 14 Jul 2022 08:01 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 14 Jul 2022 08:01 PM IST
सार
भारत में लगातार मंकीपॉक्स को लेकर विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। कुछ दिन पहले ही यूपी से लेकर केरल तक में कुछ लोगों में इसके लक्षण देखे गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इसके केसों की पुष्टि नहीं हुई है।
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मंकीपॉक्स संक्रमण के मामले
- फोटो : WHO
विस्तार
दुनिया में मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को ही राज्यों को मंकीपॉक्स को लेकर आगाह किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है और मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस का पालन करने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि भारत में लगातार मंकीपॉक्स को लेकर विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। कुछ दिन पहले ही यूपी से लेकर केरल तक में कुछ लोगों में इसके लक्षण देखे गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इसके केसों की पुष्टि नहीं हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, मंकीपॉक्स पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला एक संक्रामक रोग है और इसके लक्षण चेचक के मरीजों के जैसे होते हैं।
क्या हैं सरकार के निर्देश?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि राज्यों को पॉइंट ऑफ एंट्री यानी जिन भी जगहों से लोग आ रहे हैं, वहां चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन जगहों पर बीमारी की निगरानी वाली टीम से लेकर डॉक्टरों तक की तैनाती के लिए कहा गया है। साथ ही जिन लोगों में लक्षण पाए जाएं, उनकी जांच के साथ उनके संपर्क में रहने वालों की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
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सरकार ने कहा है कि राज्यों में आने वाले ठिकानों पर टेस्टिंग और निगरानी भी बढ़ाने की जरूरत है। मरीजों को आइसोलेट करने के साथ उनके इलाज की व्यवस्था भी तुरंत की जाए। उनकी समय-समय पर निगरानी कर ठीक होने तक इलाज जारी रखा जाए, ताकि किसी को भी मृत्यु से बचाया जा सके।
दुनियाभर में तेजी से फैल रहे हैं मंकीपॉक्स के केस
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में बताया था कि मंकीपॉक्स पुष्ट मामलों की संख्या में 77 फीसदी की साप्ताहिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों की संख्या दुनियाभर में 6,000 से ज्यादा हो गई है। वहीं अफ्रीका के हिस्सों में दो और लोगों की इस वायरस से जान गई है।
मंकीपॉक्स के अधिकतर मामले यूरोप और अफ्रीका में आये हैं। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि यह रहस्यमयी बीमारी उन पुरुषों को प्रमुख रूप से प्रभावित करती है जिन्होंने पुरुषों के साथ ही यौन संबंध बनाये हैं, वहीं आबादी के अन्य समूहों में संक्रमण का कोई संकेत नहीं देखा गया। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि सोमवार तक उसने 59 देशों में मंकीपॉक्स के प्रयोगशालाओं में पुष्ट 6,027 मामले गिने हैं जिनमें 27 जून को समाप्त हुए सप्ताह में हुई आखिरी गिनती से 2,614 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। उसने कहा कि अब तक इस बीमारी से तीन लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें सभी अफ्रीका से थे।
उसने कहा कि नौ और देशों में संक्रमण के मामले आये हैं, वहीं 10 देशों में तीन सप्ताह से अधिक समय से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रस अधानोम घेब्रेयेसस ने बुधवार को कहा कि वह वायरस के प्रसार के स्तर को लेकर चिंतित हैं और 80 प्रतिशत से अधिक मामले यूरोप में आये हैं।
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गौरतलब है कि भारत में लगातार मंकीपॉक्स को लेकर विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। कुछ दिन पहले ही यूपी से लेकर केरल तक में कुछ लोगों में इसके लक्षण देखे गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इसके केसों की पुष्टि नहीं हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, मंकीपॉक्स पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला एक संक्रामक रोग है और इसके लक्षण चेचक के मरीजों के जैसे होते हैं।
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क्या हैं सरकार के निर्देश?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि राज्यों को पॉइंट ऑफ एंट्री यानी जिन भी जगहों से लोग आ रहे हैं, वहां चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन जगहों पर बीमारी की निगरानी वाली टीम से लेकर डॉक्टरों तक की तैनाती के लिए कहा गया है। साथ ही जिन लोगों में लक्षण पाए जाएं, उनकी जांच के साथ उनके संपर्क में रहने वालों की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
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सरकार ने कहा है कि राज्यों में आने वाले ठिकानों पर टेस्टिंग और निगरानी भी बढ़ाने की जरूरत है। मरीजों को आइसोलेट करने के साथ उनके इलाज की व्यवस्था भी तुरंत की जाए। उनकी समय-समय पर निगरानी कर ठीक होने तक इलाज जारी रखा जाए, ताकि किसी को भी मृत्यु से बचाया जा सके।
दुनियाभर में तेजी से फैल रहे हैं मंकीपॉक्स के केस
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में बताया था कि मंकीपॉक्स पुष्ट मामलों की संख्या में 77 फीसदी की साप्ताहिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों की संख्या दुनियाभर में 6,000 से ज्यादा हो गई है। वहीं अफ्रीका के हिस्सों में दो और लोगों की इस वायरस से जान गई है।
मंकीपॉक्स के अधिकतर मामले यूरोप और अफ्रीका में आये हैं। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि यह रहस्यमयी बीमारी उन पुरुषों को प्रमुख रूप से प्रभावित करती है जिन्होंने पुरुषों के साथ ही यौन संबंध बनाये हैं, वहीं आबादी के अन्य समूहों में संक्रमण का कोई संकेत नहीं देखा गया। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि सोमवार तक उसने 59 देशों में मंकीपॉक्स के प्रयोगशालाओं में पुष्ट 6,027 मामले गिने हैं जिनमें 27 जून को समाप्त हुए सप्ताह में हुई आखिरी गिनती से 2,614 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। उसने कहा कि अब तक इस बीमारी से तीन लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें सभी अफ्रीका से थे।
उसने कहा कि नौ और देशों में संक्रमण के मामले आये हैं, वहीं 10 देशों में तीन सप्ताह से अधिक समय से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रस अधानोम घेब्रेयेसस ने बुधवार को कहा कि वह वायरस के प्रसार के स्तर को लेकर चिंतित हैं और 80 प्रतिशत से अधिक मामले यूरोप में आये हैं।