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लॉकडाउन का एक साल: केंद्र ने मुफ्त में बांटे 4.8 करोड़ N-95 मास्क, 1.69 करोड़ पीपीई किट और 36 हजार वेंटिलेटर

Thu, 25 Mar 2021 01:31 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 25 Mar 2021 01:31 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने मार्च 2020 से 10 फरवरी 2021 तक राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को कुल 4.8 करोड़ N-95 फेस मास्क दिए हैं। वहीं 1.69 करोड़ से ज्यादा पीपीई किट बांटी जा चुकी हैं...

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central government distributed free 48.8 million N-95 masks, 1.69 crore PPE kits, 11.15 crore HCQ tablets and 36 thousand ventilators in one year of lockdown
मास्क वितरित करते हुए - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

भारत में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। लगातार राज्यों में नए केसों में बढोतरी देखी जा रही है। बीते एक साल में कोराना महामारी से लड़ने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में केंद्र सरकार कई ने कदम उठाए। कोरोना के प्रकोप के चलते केंद्र सरकार ने मार्च 2020 से 10 फरवरी 2021 तक राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को कुल 4.8 करोड़ N-95 फेस मास्क दिए हैं। वहीं 1.69 करोड़ से ज्यादा पीपीई किट बांटी जा चुकी हैं। इसके अलावा 11.15 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) टैबलेट्स और 36 हजार 948 वेंटिलेटर्स का वितरण किया जा चुका है।

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केंद्र सरकार की तरफ से कोरोनाकाल में सबसे ज्यादा 32.01 लाख N95 मास्क महाराष्ट्र में दिए गए हैं। इसके बाद गुजरात को 25.42 लाख, उत्तर प्रदेश को 23.56 लाख, दिल्ली को 20.42 लाख, मध्यप्रदेश को 15.42 लाख, राजस्थान को 18.65 लाख, तमिलनाडु को 18.66 लाख, आंध्र प्रदेश को 15.63 लाख और केरल को आठ लाख मास्क दिए गए हैं। सबसे कम केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप 42 हजार, मिजोरम में 1.96 लाख, नागालैंड में 1.95 लाख, लद्दाख में 1.90 लाख, सिक्कम में 2.10 लाख मास्क वितरित किए गए हैं। वहीं केंद्र सरकार ने केंद्रीय संस्थानों को 59.79 लाख उपलब्ध करवाए हैं।
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कोविड काल के दौरान देश में सबसे ज्यादा 14.83 लाख पीपीई किट भी महाराष्ट्र को दी गई हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश को 14.72 लाख, गुजरात 13.08 लाख, राजस्थान में 9.13 लाख, दिल्ली में 9.11 लाख, मध्यप्रदेश को 9.02 लाख, कर्नाटक को 6.54 लाख, बिहार और जम्मू कश्मीर दोनों को 6.04 लाख, तमिलनाडु को 5.39 लाख और असम को 4.11 लाख पीपीई किट वितरित की गईं। सबसे कम केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप 20 हजार, पंजाब में 3.73 लाख, आंध्र प्रदेश में 3.19 लाख और बिहार में 4.11 लाख पीपीई किट दी गईं। वहीं केंद्र सरकार ने केंद्रीय संस्थानों को 26.41 लाख पीपीई किट उपलब्ध करवाईं।
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लॉकडाउन से लेकर 10 फरवरी 2021 तक हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट सबसे ज्यादा महाराष्ट्र 97.2 लाख, उत्तर प्रदेश 89.4 लाख, तमिलनाडु 72.3 लाख, दिल्ली 64.8 लाख, कर्नाटक 49.7 लाख, राजस्थान 63 लाख, बिहार में 64 लाख, मध्यप्रदेश 54 लाख, केरल 39.5 लाख, गुजरात 28.5 लाख और हरियाणा में 26.3 लाख और छत्तीसगढ़ में 51.2 लाख टैबलेट दी गई हैं। सबसे कम केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप को 2.25 लाख, उत्तराखंड को आठ लाख, लद्दाख को छह लाख, हिमाचल प्रदेश को 11 लाख टैबलेट्स दी गईं, वहीं केंद्रीय संस्थानों को 102.5 लाख टैबलेट्स वितरित की गईं।


इसके अलावा केंद्र सरकार ने वेंटिलेटर भी विभिन्न राज्यों को दिए हैं। इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र को 4,434, उत्तरप्रदेश को 4,016, गुजरात को 3400, आंध्र प्रदेश को 4,960, कर्नाटक 2,025 और राजस्थान को 1900 वेंटिलेटर दिए गए। वहीं सबसे कम केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली को 20, अरुणाचल प्रदेश को 63, त्रिपुरा को 92 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए। जबकि सिक्कम को एक भी वेंटिलेटर नहीं दिया गया, वहीं केंद्र सरकार ने केंद्रीय संस्थानों से जुड़े अस्पतालों को 2,907 वेंटिलेटर दिए।

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