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जल्द मिलेगी खुशखबरी: जुलाई में केंद्रीय कर्मियों को 31 फीसदी की दर पर मिलेगा डीए, एरियर करेगा नुकसान की भरपाई!

Wed, 02 Jun 2021 06:10 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 02 Jun 2021 06:10 PM IST
सार

कर्मियों का डीए जो मई 2020 में 21 फीसदी था, अब वह 31 फीसदी तक जा पहुंचा है। केंद्र द्वारा एरियर देने के लिए अलग से घोषणा की जा सकती है। इसके लिए 'स्टाफ साइड' की राष्ट्रीय परिषद ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय पर लगातार दबाव बनाया है...

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central government could announce the Dearness allowance with arrears for government employees and pensioners soon
सरकारी दफ्तर - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारी और 60 लाख पेंशनर्स, 18 माह से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इन कर्मियों और पेंशनरों को उक्त अवधि के दौरान खासा नुकसान झेलना पड़ा है। महंगाई लगातार बढ़ती रही, लेकिन भत्ता मिला नहीं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं, सरकार अपने कर्मियों को लेकर संजीदा है। कर्मियों ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में सरकार को अपना पूर्ण सहयोग दिया है, उसके मद्देनजर अब जल्द ही उनके हितों को ध्यान में रखते कई घोषणाएं की जाएंगी।

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नियमानुसार, कर्मियों का डीए जो मई 2020 में 21 फीसदी था, अब वह 31 फीसदी तक जा पहुंचा है। केंद्र द्वारा एरियर देने के लिए अलग से घोषणा की जा सकती है। इसके लिए 'स्टाफ साइड' की राष्ट्रीय परिषद ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय पर लगातार दबाव बनाया है। परिषद के पदाधिकारी शिव गोपाल मिश्रा और सी. श्रीकुमार के मुताबिक, अब ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता कि केंद्र सरकार डीए और 18 महीने का एरियर जारी करने में ना-नुकर करेगी। इसी माह एरियर और अन्य भत्तों की घोषणा कर दी जाएगी।

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केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों और लगभग 60 लाख पेंशनधारियों को अब और निराश नहीं किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय परिषद की तरफ से मौजूदा दरों पर डीए देने और एरियर जारी करने की मांग आई थी। इस बाबत विचार किया जा रहा है। मामला लगभग आखिरी चरण पर है। केवल यह गुणा भाग हो रहा है कि डीए और एरियर की राशि को किस तरह से जारी किया जाए। अगर सारी राशि एक साथ दी जाती है तो इससे सरकार पर वित्तीय दबाव पड़ सकता है। शिव गोपाल मिश्रा बताते हैं, केंद्र सरकार में विभिन्न स्तरों पर कर्मियों की मांग पहुंचा दी गई है। कोरोनाकाल से सरकार अच्छी तरह वाकिफ है। हमें नहीं लगता कि सरकार अब उन कर्मियों को, जिन्होंने कोरोनाकाल में सरकार के साथ दो कदम आगे बढ़कर काम किया है, उनका हक देने में देर लगाएगी।

माना जा रहा है कि सरकार इसी माह में डीए जारी करने की घोषणा कर सकती है। अगर वित्त मंत्रालय कहीं थोड़ी बहुत कमी कर सकता है तो वह डीए को लेकर हो सकती है। हालांकि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ जब राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई थी तो एक जुलाई से 28 फीसदी की बढ़ी हुई दर से कर्मियों के खाते में भत्तों की राशि जमा कराने का आश्वासन दिया गया था। जिस फॉर्मूले से डीए की गणना होती है, उसके मुताबिक, अगस्त 2019 से लेकर मई 2020 तक डीए की दर 21 फीसदी रही है। उसके बाद जनवरी 2020 से नवंबर 2020 तक 24 फीसदी, दिसंबर 2020 से मई 2021 तक 28 फीसदी और जून 2021 से जुलाई 2021 तक यह दर 31 फीसदी बनती है।

कर्मियों के स्तर 1 से 18 तक की बात करें तो 18 माह के दौरान उन्हें डीए के तौर पर 11880 रुपये से लेकर 165000 रुपये तक का नुकसान हुआ है। एआईडीईएफ के महासचिव सी. श्रीकुमार कहते हैं, 18 माह के दौरान हजारों सरकारी कर्मी मारे गए हैं। बहुत से रिटायर हो गए हैं, अब उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा। अगर इनके नुकसान की राशि को देखें तो वह करोड़ों में बैठती है। इसे लेकर सरकार से आग्रह किया गया है कि रिटायर्ड और मारे गए कर्मियों के आश्रितों को इन भत्तों की राशि से वंचित न रखा जाए।

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