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संसदीय समिति के सामने पेश हुए सीडीएस रावत, एलएसी के हालात की दी जानकारी

Fri, 11 Sep 2020 10:28 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 11 Sep 2020 10:28 PM IST
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CDS Bipin Rawat informed parliamentary committee about situation on LAC
सीडीएस जनरल बिपिन रावत (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल विपिन रावत शुक्रवार को रक्षा मामलों पर संसदीय समिति के सामने पेश हुए। उन्होंने समिति को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में सेना की तैनाती समेत पूरे हालात की जानकारी दी। 

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हालांकि समिति की बैठक का एजेंडा खासतौर पर सीमा पर तैनात फौज के लिए राशन की गुणवत्ता और आपूर्ति था लेकिन इस दौरान एलएसी के हालात पर लंबी चर्चा हुई। भाजपा सांसद जुएल ओरांव की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे। 
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रक्षा संबंधी संसदीय समिति में चुने जाने के बाद राहुल ने पहली बार इस बैठक में हिस्सा लिया। सूत्रों ने बताया कि जनरल रावत ने एलएसी पर सेना की लंबी तैनाती से संबंधित तैयारियों और दिक्कतों पर भी चर्चा की। 
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दूरदराज के इलाकों में सेना की तैनाती और उनकी जरूरत के सामान की आपूर्ति और सप्लाई चेन की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा पिछले पंद्रह दिनों ने सेना द्वारा हासिल की गई मजबूत स्थिति के बारे में भी सांसदों को विस्तार से बताया गया।

सशस्त्र बलों में रैंक से तय नहीं हो सकता है पोषण : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सशस्त्र बलों में रैंक के आधार पर पोषण के प्रावधान तय नहीं किए जा सकते। समिति की बैठक में राहुल ने कहा, जवानों को कम पोषण वाला भोजन देना भेदभावपूर्ण और गलत है। जवानों को ज्यादा पोषणयुक्त भोजन मिलना चाहिए क्योंकि वे सीमा पर तैनात रहते हैं।


जवानों के खाने की पोषण वैल्यू भी अधिकारियों के खाने के बराबर होनी चाहिए। वेतन तय करने में रैंक आधार हो सकती है लेकिन पोषणयुक्त भोजन देने में नहीं। वहीं, राहुल के सवालों पर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया, जवानों और अधिकारियों को मिलने वाले खाने की सामग्री में अंतर होता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जवानों और अधिकारियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में अंतर नहीं होता।
 

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