एक अप्रैल से स्कूलों को नियमित खोलने की तैयारी, पहले महीने टीचर्स करेंगे छात्रों की शंकाओं का समाधान
सभी स्कूलों से नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन कराने के लिए भी कहा गया है। इन परीक्षाओं के दौरान कोरोना के बचाव संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन करना जरूरी होगा...
सभी स्कूलों से नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन कराने के लिए भी कहा गया है। इन परीक्षाओं के दौरान कोरोना के बचाव संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन करना जरूरी होगा...
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सीबीएसई ने उसके तहत आने वाले सभी स्कूलों से एक अप्रैल से नियमित सत्र शुरू करने की सलाह दी है। बोर्ड ने स्कूल प्रबंधन से कहा है कि अप्रैल के सत्र में टीचर्स अपने छात्रों की हर शंका के समाधान और सवालों के जवाब देंगे, जो पिछली क्लास में छात्रों को समझ में नहीं आए। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि नई क्लास में उन्हें कोई दिक्कत न आए।
वहीं गर्मी की छुट्टियों के लिए छात्रों को होमवर्क भी दें ताकि वे नए सिलेबस को ठीक तरह से समझ सकें। हालांकि बोर्ड ने स्कूल प्रबंधन को राज्य में कोरोना के मामले की स्थिति और शिक्षा विभाग के निर्देशों को ध्यान में रखने के लिए कहा है।
सीबीएसई के एक अधिकारी के मुताबिक सभी स्कूलों से नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन कराने के लिए भी कहा गया है। इन परीक्षाओं के दौरान कोरोना के बचाव संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन करना जरूरी होगा। 10वीं और 12वीं के अलावा बाकी सभी कक्षाओं के नतीजों और प्रक्रिया को 31 मार्च से पहले पूरा करने के प्रयास के लिए भी कहा गया है, ताकि एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो सके।
सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि कोरोना की वजह से कई छात्रों की पढ़ाई का नुकसान हुआ है। इन्हें दूर करने के लिए ब्रिज कोर्स की मदद ली जाए। इसके अलावा छात्रों को पहले की तरह क्लासेज के लिए तैयार करना होगा।
शिक्षाविद् प्रोफेसर आर गोविंदम ने अमर उजाला को बताया कि अभी भी राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। कई राज्यों में स्कूल शुरू भी हुए थे, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद स्कूल दोबारा बंद हो गए हैं। सीबीएसई ने नियमित क्लास अप्रैल से शुरू करने का फैसला लिया है, लेकिन अभी भी बच्चों के इस सत्र में शामिल होने की उम्मीद कम ही लग रही है। ये सत्र अगर जुलाई से शुरू होता तो बच्चों के शामिल होने की संभावना बढ़ जाती।
बार्ड परीक्षा के लिए बढ़ेंगे केंद्र
इधर सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं में इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या को बढ़ा दिया है। जिससे छात्रों को अपने घरों के पास ही परीक्षा केंद्र मिल सके। बोर्ड परीक्षा शुरू होने के बाद ही समानांतर कॉपियां जांचने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। ताकि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 15 जुलाई तक आ जाएं। परीक्षा के मद्देनजर सीबीएसई एसओपी तैयार करने में लगा हुआ है, जिससे छात्र कोविड संक्रमण से बचते हुए परीक्षा दे सकें।
10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चार मई से शुरू होंगी। 10वीं की परीक्षाएं सात जून तक, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 11 जून तक चलेंगी। वहीं, परीक्षाओं के नतीजे 15 जुलाई 2021 तक जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रैक्टिकल एग्जाम एक मार्च से 11 जून 2021 के बीच होंगे।