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सीबीएसई 10वीं-12वीं परीक्षा पैटर्न में होंगे बदलाव, निजी विश्वविद्यालयों की फीस पर लगेगी लगाम

Mon, 02 Dec 2019 08:24 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Mon, 02 Dec 2019 08:24 PM IST
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CBSE class 10th and 12th exam pattern will be change in 2020
ramesh pokhriyal nishank

संसद के शीतकालीन सत्र के 11वें दिन यानि सोमवार को संसद में कई मुद्दों पर बहस हुई। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षा को पैटर्न में बदलाव पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव करेगा।

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मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि बोर्ड यह कदम छात्रों में रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाने जा रहा है। यह बदलाव 10वीं और 12वीं की 2020 में होने वाली परीक्षा में देखने को मिलेंगे।
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निशंक लोकसभा में सांसद केशारी देवी और चिराग पासवान के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड के बदलाव के बारे में जानकारी दी।  निशंक ने बताया कि प्रश्नों की संख्या घटाने और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (ऑब्जेक्टिव) की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ हर विषय के आंतरिक मूल्यांकन जैसे बदलावों पर बोर्ड जोर देगा। परीक्षा में 20 फीसदी वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न और 10 फीसदी प्रश्न रचनात्मक विचारों से संबंधित पूछे जाएंगे।
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हलांकि, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इसके संबंध में पहले ही सूचना जारी कर दी है। साथ ही सीबीएसई ने एक सैंपल पेपर्स भी जारी किया था। सीबीएसई ने छात्रों से सैंपल पेपर्स पर पूरा ध्यान देने के लिए कहा है, न कि पाठ्यक्रम में दिए गए पैटर्न को। 

बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि 'सीबीएसई ने इस बार होने वाली बोर्ड परीक्षा में कुछ बदलाव किए हैं। इन सभी बदलावों का ध्यान बोर्ड द्वारा जारी किए गए सैंपल पेपर्स में भी रखा गया है। उन्हीं बदलावों के आधार पर सैंपल पेपर्स तैयार किए गए हैं। इसलिए 2020 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्र सीबीएसई के आधिकारिक सैंपल पेपर्स को पूरी तरह देखें, समझें और हल करें।' 

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को कहा कि यूजीसी ने निजी विश्वविद्यालयों द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। यूजीसी कैपिटेशन फीस सहित कई निर्देशों का एक सेट तैयार किया है साथ ही सभी लोगों से अपने वेबसाइट पर सुझाव मांगे हैं।

निशंक लोकसभा में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया था कि क्या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) चार्जिंग कैपिटेशन शुल्क के प्रचलन को नियंत्रित करने के लिए नियमों को लागू करने पर विचार कर रहा है।

इसका जवाब देते हुए निशंक ने कहा कि आयोग ने यूजीसी नियम 2019 तैयार किया है। इसमें मान्यता प्राप्त निजी संस्थान और बिना मान्यता प्राप्त संस्थान जो खुद को विश्वविद्यालय के रूप में संचालित करते हैं, उनके द्वारा व्यावसायिक शिक्षा के लिए ली जाने वाली फीस से संबंधित नियम हैं।

इन नियमों को सभी लोगों को देखने-समझने और जरूरत अनुसार अपनी राय के लिए यूजीसी की वेबसाइट पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों से उनकी राय प्राप्त होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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