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कांग्रेस नेता टाइटलर से जुड़े मामले में विदेशी गवाह पेश करना चाहती है सीबीआई

Wed, 06 Jan 2021 04:49 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 06 Jan 2021 04:49 AM IST
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CBI wants to present foreign witness in the case related to Congress leader Jagdish Tytler
सांकेतिक चित्र

सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट से धोखाधड़ी के एक मामले में एक विदेशी नागरिक को गवाह के तौर पर पेश करने की इजाजत मांगी है। साल 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को संबोधित जाली पत्र लिखने का यह मामला कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और हथियार विक्रेता अभिषेक वर्मा से जुड़ा हुआ है।

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सीबीआई ने हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट के 23 अक्तूबर, 2020 के मामले को चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने सी. एडमंड एलन नाम के गवाह को पेश करने की सीबीआई की याचिका को खारिज कर दिया था। जस्टिस योगेश खन्ना की पीठ के सामने वर्मा के वकील एडवोकेट मनिंदर सिंह ने सीबीआई याचिका का विरोध किया।
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उन्होंने कहा कि सीबीआई इस गवाह को पहले भी चार बार समन भेज चुकी है और वह एक बार भी ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद अभियोजन ने सबूत को बंद घोषित कर दिया था।
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एडवोकेट सिंह ने पीठ से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का ट्रायल खत्म करने के लिए एक साल की समयसीमा तय की थी, जो पूरी हो चुकी है और अब गवाह के परीक्षण की इजाजत देने से ट्रायल नए सिरे से शुरू हो जाएगा।

जवाब में सीबीआई के वकील अनिल ग्रोवर ने ट्रायल की समयसीमा आगे बढ़वाने के लिए आवेदन की आवश्यकता के बारे में जानने के लिए हाईकोर्ट से समय देने की गुहार लगाई।

सीबीआई ने पीठ से कहा कि इससे पहले एलन की तरफ से बिजनेस क्लास का विमान टिकट देने जैसी कई शर्त रखने के कारण उसे परीक्षण के लिए तलब नहीं किया गया था, लेकिन अब वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गवाही के लिए तैयार है।

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की तरफ से कथित जाली पत्र भेजने के लिए उपयोग किए गए कई ई-मेल खातों की पुष्टि कराने को एलन की गवाही की आवश्यकता है। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने सीबीआई की याचिका खारिज कर दी थी।

यह है पूरा मामला

सीबीआई ने तत्कालीन यूपीए सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर एक मुकदमा दर्ज किया था। माकन ने कहा था कि कुछ लोगों ने उनके लैटरहेड का इस्तेमाल करते हुए 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बिजनेस वीजा की शर्तों में ढील देने की मांग वाला जाली पत्र भेजा था।

सीबीआई ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट में जगदीश टाइटलर और अभिषेक वर्मा को भी आरोपियों में शामिल किया था। ट्रायल कोर्ट ने 9 दिसंबर, 2015 को टाइटलर और वर्मा के खिलाफ धारा 420, 471, 120 बी समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय कर दिए थे।

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