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विवेकानंद रेड्डी हत्या मामला: CBI ने लोकसभा सांसद अविनाश रेड्डी को किया तलब, 28 जनवरी को होगी पूछताछ
Wed, 25 Jan 2023 07:47 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 25 Jan 2023 07:47 PM IST
सार
दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के छोटे भाई विवेकानंद रेड्डी की 2019 को हत्या के मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई ने लोकसभा सांसद अविनाश रेड्डी को 28 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है।
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Avinash Reddy
- फोटो : loksabha.nic.in
विस्तार
सीबीआई ने आंध्र प्रदेश के कडप्पा से लोकसभा सांसद अविनाश रेड्डी को विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें पूछताछ के लिए 28 जनवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। विवेकानंद की साल 2019 में हत्या कर दी गई थी। वह दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के छोटे भाई थे। अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि एजेंसी ने पहले उन्हें मंगलवार को तलब किया था, लेकिन सांसद ने और समय मांगा। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें 28 जनवरी की नई तारीख दी है।
सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, विवेकानंद रेड्डी कडप्पा लोकसभा क्षेत्र से अविनाश रेड्डी (जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई) के बजाय कथित तौर पर खुद के लिए या वाई एस शर्मिला (मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की बहन) या वाई एस विजयम्मा (जगन मोहन रेड्डी की मां) के लिए संसदीय चुनाव का टिकट मांग रहे थे।
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एजेंसी ने आरोप पत्र में कहा है, इसलिए यह संदेह है कि सांसद अविनाश रेड्डी ने अपने गुर्गे डी शिव शंकर रेड्डी के जरिए उनकी हत्या कराई है। इस पहलू पर जांच भी जारी है। सीबीआई ने शंकर रेड्डी को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था और जनवरी में उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दायर किया था।
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केंद्रीय एजेंसी ने कहा है कि शंकर रेड्डी ने विवेकानंद रेड्डी की हत्या की जिम्मेदारी लेने के लिए के गंगाधर रेड्डी को 10 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। सीबीआई ने हत्या की बड़ी साजिश में अन्य आरोपियों की भूमिका का खुलासा करने के लिए जांच खुली रखी है।
एजेंसी ने अब तक इस मामले में 248 लोगों को गवाह बनाया है और उनके बयान दर्ज किए हैं। सीबीआई ने पहले आरोपपत्र में कहा था, 'जांच से पता चला है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या टी गंगी रेड्डी उर्फ येरा गंगी रेड्डी और शेख दस्तगिरी, यादिती सुनील यादव और गजाला उमा शंकर रेड्डी की सोची समझी साजिश के तहत की गई थी।
कभी विवेकानंद रेड्डी के ड्राइवर के रूप में काम करने वाले दस्तगिरी बाद में सरकारी गवाह बन गए और उन्होंने जूनियर सिविल जज प्रोद्दातुर के समक्ष इकबालिया बयान दिया। इकबालिया बयान का हवाला देते हुए सीबीआई ने कहा कि हत्या को गंगी रेड्डी ने सुनील यादव, उमा शंकर रेड्डी और दस्तगिरी की मदद से अंजाम दिया था। हत्या की साजिश गंगी रेड्डी ने अपराध से एक महीने पहले रची थी। सीबीआई ने हत्या के मामले में 26 अक्तूबर, 2021 को आरोपपत्र दायर किया था और इसके बाद 31 जनवरी, 2022 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था।