Bribery Case: CBI की कार्रवाई, घूसखोरी के आरोप में निलंबित रेलवे ADRM पर नया केस; पाई गई आय से दोगनी संपत्ति
सीबीआई ने रिश्वत मामले में 14 जनवरी को गुवाहाटी के मालीगांव में तैनात भारतीय रेलवे सेवा अधिकारी प्रबंधक जितेंद्र पाल सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं, नई प्राथमिकी में लगभग 2.30 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया गया है।
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केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने निलंबित अतिरिक्त मंडल रेलवे प्रबंधक (एडीआरएम) के खिलाफ सेवा के दौरान करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि निलंबित एडीआरएम के खिलाफ उनकी सेवा के पिछले छह वर्षों में आय से अधिक 2.30 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया गया है।
पहले डेढ़ अब ढाई करोड़ का आरोप
गौरतलब है, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 1.5 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में 14 जनवरी को गुवाहाटी के मालीगांव में तैनात 1997 बैच के भारतीय रेलवे सेवा अधिकारी प्रबंधक जितेंद्र पाल सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं, नई प्राथमिकी में सिंह पर एडीआरएम के रूप में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर लगभग 2.30 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया गया है।
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यह है मामला
बता दें, सीबीआई ने 14 जनवरी को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। जितेंद्र पाल सिंह को उस समय हरिओम नामक व्यक्ति से 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बाद में सीबीआई जांच से पता चला है कि सिंह को कथित तौर पर कुल 1.5 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत मिली थी, जो बिष्णु गुप्ता नाम के एक ठेकेदार के पास पाई गई थी। गुप्ता ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम से संबंधित कुछ आंकड़े एक डायरी में दर्ज किए थे।
जांच में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
अधिकारियों ने कहा कि सिंह और उनके सहयोगियों के घरों और कार्यालयों पर तलाशी की गई। इस दौरान, एजेंसी को कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। दस्तावेजों की जांच से सामने आया कि सिंह के पास उनकी आय से लगभग दोगुनी संपत्ति थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर 1 जनवरी, 2017 से 14 जनवरी, 2023 तक अवैध संपत्ति जमा की। इतना ही नहीं, सिंह की पत्नी के नाम पर भी अवैध संपत्ति पाई गई है। इसलिए उन पर भी मामला दर्ज किया गया है।