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शिकंजा: हैदराबाद की कंपनी पर 1285 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का आरोप, सीबीआई ने एक साथ कई ठिकानों पर दी दबिश
Sat, 03 Apr 2021 03:00 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 03 Apr 2021 03:00 PM IST
सार
सीबीआई ने कंपनी के डायरेक्टर और उससे जुड़े अधिकारियों के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को इससे जुड़े कई दस्तावेज बरामद हैं।
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cbi (File Photo)
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विस्तार
CBI ने हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कंपनी ने 2009-2015 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा से कंसोर्टियम व्यवस्था के तहत 5078 करोड़ रुपये के लोन लेकर वित्तीय ऋण सीमा का लाभ उठाया था। सीबीआई अधिकारी ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर ने फर्जी तरीके से बैंक से लोन ले लिया।
कंपनी के डायरेक्टर के ठिकानों पर कार्रवाई
सीबीआई ने कंपनी के डायरेक्टर और उससे जुड़े अधिकारियों के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को इससे जुड़े कई दस्तावेज बरामद हैं।
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कंस्ट्रक्शन कंपनी ने की 4,736 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी
दरअसल, इससे पहले सीबीआई ने हैदराबाद की कंपनी कोस्टल प्रोजेक्ट और उसके निदेशकों के खिलाफ 4,736 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया था। एजेंसी ने हैदराबाद व विजयवाड़ा में इनके ठिकानों पर दबिश देकर अहम दस्तावेज जब्त किए थे।
2013 2018 के बीच कंपनी ने की थी धोखाधड़ी
निर्माण कंपनी ने 2013 से 2018 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से बैंक गारंटी के लिए फर्जी बैलेंस सीट और वित्तीय विवरण दिखाकर लोन लिए थे। सीबीआई ने कंपनी के अलावा उसके चेयरमैन एस सुरेंद्र, एमडी जीएच राव, निदेशक एससी निवार्थी, शरद कुमार, जीके रामौली, के अंजम्मा तथा एक अन्य कंपनी रवि कैलास बिल्डर और इसके निदेशक रमेश पशुपुलेतु और जीके ईरानी के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
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It was further alleged that during the implementation of the project, the company indulged in fraudulent trading & carried out suspicious transactions. The loan account became NPA in 2015 with an outstanding amount of Rs 1285.45 crores (approx).
— ANI (@ANI) April 3, 2021
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कंपनी के डायरेक्टर के ठिकानों पर कार्रवाई
सीबीआई ने कंपनी के डायरेक्टर और उससे जुड़े अधिकारियों के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को इससे जुड़े कई दस्तावेज बरामद हैं।
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कंस्ट्रक्शन कंपनी ने की 4,736 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी
दरअसल, इससे पहले सीबीआई ने हैदराबाद की कंपनी कोस्टल प्रोजेक्ट और उसके निदेशकों के खिलाफ 4,736 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया था। एजेंसी ने हैदराबाद व विजयवाड़ा में इनके ठिकानों पर दबिश देकर अहम दस्तावेज जब्त किए थे।
2013 2018 के बीच कंपनी ने की थी धोखाधड़ी
निर्माण कंपनी ने 2013 से 2018 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से बैंक गारंटी के लिए फर्जी बैलेंस सीट और वित्तीय विवरण दिखाकर लोन लिए थे। सीबीआई ने कंपनी के अलावा उसके चेयरमैन एस सुरेंद्र, एमडी जीएच राव, निदेशक एससी निवार्थी, शरद कुमार, जीके रामौली, के अंजम्मा तथा एक अन्य कंपनी रवि कैलास बिल्डर और इसके निदेशक रमेश पशुपुलेतु और जीके ईरानी के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।