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फोन टैपिंग मामला: कर्नाटक के पूर्व पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के यहां सीबीआई के छापे
Thu, 26 Sep 2019 09:55 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 26 Sep 2019 09:55 PM IST
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सीबीआई (फाइल फोटो)
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सीबीआई ने गुरुवार को बंगलूरू के पूर्व पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के कार्यालय और आवास पर फोन टैपिंग के एक मामले में छापेमारी की। छापेमारी की खबर के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है इसलिए वह चिंतित नहीं हैं। छापेमारी के बाद कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से कहा, वे जिस पर चाहें छापेमारी करें। आप मुझसे क्यों पूछ रहे हैं? मैं इससे कैसे जुड़ा हुआ हूं?
जब उन्हें बताया गया कि उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान फोन टैपिंग से यह छापेमारी जुड़ी हुई है तो कुमारस्वामी ने कहा, अपने कार्यकाल में हर कोई ऐसा करता है। अगर वे जांच कर रहे हैं कि पहले फोन टैपिंग कैसे हुई तो मुझे इस बारे में क्यों चिंतित होना चाहिए।
यह पूछने पर कि सीबीआई उनसे भी पूछताछ कर सकती है, जद (एस) के नेता ने कहा, उन्हें आने दीजिए। कानून के मुताबिक किसी से भी पूछताछ हो सकती है और उसकी जांच की जा सकती है। मुझे क्यों भयभीत होना चाहिए?
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सीबीआई ने गुरुवार की सुबह आलोक कुमार के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की। पुलिस ने बताया कि कुमार के अदुगोडी आवास पर सीबीआई के करीब 20 अधिकारी पहुंचे और उनसे पूछताछ की। वे कथित तौर पर कुछ पेन ड्राइव और कंप्यूटर की तलाश में थे।
छापेमारी की पुष्टि करते हुए सीबीआई के एक अधिकारी ने विस्तृत ब्यौरा देने से इंकार कर दिया। कुछ विधायकों ने आरोप लगाए थे कि उनके फोन कॉल टैप की गई हैं जिसके बाद राज्य सरकार ने फोन टैपिंग मामले को सीबीआई को सौंप दिया था।
बंगलूरू के वर्तमान पुलिस आयुक्त भास्कर राव सहित कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी फोन कॉल के टैप किए जाने की शिकायत की थी। भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही आलोक कुमार को पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया था और उनके स्थान पर राव को नियुक्त किया गया था।
इसके कुछ दिनों बाद एक ऑडियो टेप वायरल हुआ था जिसमें राव और एक बिचौलिये के बीच बातचीत थी। इसमें राव बंगलूरू के पुलिस आयुक्त पद के लिए कथित रूप से लॉबिइंग कर रहे थे।
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जब उन्हें बताया गया कि उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान फोन टैपिंग से यह छापेमारी जुड़ी हुई है तो कुमारस्वामी ने कहा, अपने कार्यकाल में हर कोई ऐसा करता है। अगर वे जांच कर रहे हैं कि पहले फोन टैपिंग कैसे हुई तो मुझे इस बारे में क्यों चिंतित होना चाहिए।
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यह पूछने पर कि सीबीआई उनसे भी पूछताछ कर सकती है, जद (एस) के नेता ने कहा, उन्हें आने दीजिए। कानून के मुताबिक किसी से भी पूछताछ हो सकती है और उसकी जांच की जा सकती है। मुझे क्यों भयभीत होना चाहिए?
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सीबीआई ने गुरुवार की सुबह आलोक कुमार के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की। पुलिस ने बताया कि कुमार के अदुगोडी आवास पर सीबीआई के करीब 20 अधिकारी पहुंचे और उनसे पूछताछ की। वे कथित तौर पर कुछ पेन ड्राइव और कंप्यूटर की तलाश में थे।
छापेमारी की पुष्टि करते हुए सीबीआई के एक अधिकारी ने विस्तृत ब्यौरा देने से इंकार कर दिया। कुछ विधायकों ने आरोप लगाए थे कि उनके फोन कॉल टैप की गई हैं जिसके बाद राज्य सरकार ने फोन टैपिंग मामले को सीबीआई को सौंप दिया था।
बंगलूरू के वर्तमान पुलिस आयुक्त भास्कर राव सहित कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी फोन कॉल के टैप किए जाने की शिकायत की थी। भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही आलोक कुमार को पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया था और उनके स्थान पर राव को नियुक्त किया गया था।
इसके कुछ दिनों बाद एक ऑडियो टेप वायरल हुआ था जिसमें राव और एक बिचौलिये के बीच बातचीत थी। इसमें राव बंगलूरू के पुलिस आयुक्त पद के लिए कथित रूप से लॉबिइंग कर रहे थे।