568 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने 13 ठिकानों पर छापे मारे
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सीबीआई ने पी एंड एस ज्वेलरी लिमिटेड से जुड़े 568.52 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज करने के बाद मुंबई और लोनावाला में 13 स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने कंपनी और इसके निदेशकों परेश शाह, साहिल परेश शाह, विराज चेतन शाह और अज्ञात लोकसेवकों और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े से जुड़ी धाराओं और अन्य के तहत मामला दर्ज किया। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने मामला दर्ज करने के बाद मुंबई और लोनावाला में निदेशकों के परिसरों पर छापेमारी की।
आरोप है कि कंपनी ने आठ बैंकों के समूह से 578.5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था और इसने फर्जीवाड़ा कर बैंकों के समूह से कथित तौर पर धोखाधड़ी की और फर्जी दस्तावेज जमा किए जिससे बैंक को 568.52 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आंध्रा बैंक, विजया बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और सिंडीकेट बैंक शामिल हैं।
100 करोड़ के फर्जीवाड़े में ईडी के रायपुर-इंदौर में नौ जगह छापे
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंकों से सौ करोड़ रुपये का फर्जीवाड़े करने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत इंदौर में एक और रायपुर में आठ जगहों पर छापे मारे हैं। ईडी अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि मामले में मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा, उसके रिश्तेदारों, सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों के ठिकानों पर छापे मारे गए हैं।
ईडी के अनुसार, शर्मा ने बैंकों से फर्जीवाड़ा कर कर्ज लोन या ओवर ड्राफ्ट के जरिये भारी रकम जुटाई। इसके बाद इस पैसे को 30 से अधिक कंपनियों में निवेश कर इसका दूसरे कामों में इस्तेमाल किया गया। इन 30 कंपनियों में शर्मा व उसके सहयोगियों की कंपनियां शामिल हैं।
ईडी ने छापों में 15 लाख रुपये की नकदी के अलावा लेनदेन के कागज, संपत्ति के दस्तावेज, विभिन्न संस्थाओं, परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों के नाम पर दर्ज संपत्ति का ब्योरा, पावर ऑफ अटॉर्नी आदि दस्तावेज जब्त किए हैं।