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332 करोड़ के गबन मामले में सीबीआई ने मणिपुर के पूर्व सीएम इबोबी से की पूछताछ
Wed, 24 Jun 2020 05:17 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 24 Jun 2020 05:17 PM IST
सार
- राज्य में विकास कार्य के धन में 332 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी में हुई पूछताछ
- सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नबाकिशोर से गुरुवार को पूछताछ करेगी सीबीआई
- पिछले साल 20 नवंबर को राज्य की भाजपा सरकार के अनुरोध पर शुरू हुई थी जांच
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मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कांग्रेस नेता और मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह से बुधवार को करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने सिंह से यह पूछताछ राज्य के विकास के लिए आए धन में से 332 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के सिलसिले में की। एजेंसी ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और मणिपुर विकास सोसाइटी (एमडीएस) के पूर्व अध्यक्ष ओ नबाकिशोर सिंह को भी गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया है।
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अधिकारी ने कहा कि इबोबी सिंह और नबाकिशोर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया क्योंकि वे एमडीएस के अध्यक्ष रहे हैं, जहां सरकारी धन की कथित हेराफेरी हुई है। सीबीआई की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नौ विधायकों द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सीबीआई का एक दल मंगलवार को आरोपियों से पूछताछ के लिये इम्फाल पहुंचा था।
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सिंह के अलावा सीबीआई ने एमडीएस के तीन पूर्व अध्यक्षों- डीएस पूनिया, पीसी लॉमुकंगा, और ओ नाबाकिशोर सिंह को भी मामले में आरोपी बनाया है। ये तीनों पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। एफआईआर में सोसाइटी के पूर्व परियोजना निदेशक वाई निंगथेम सिंह और उसके प्रशासनिक अधिकारी एस रंजीत सिंह का भी नाम है।
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सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि यह पहले से चल रही जांच का हिस्सा है। इसमें कुछ लोगों से पहले ही पूछताछ हो चुकी है। सीबीआई ने पिछले साल 20 नवंबर को इस मामले की जांच राज्य की भाजपा सरकार के अनुरोध पर शुरू की थी। आरोप है कि सिंह ने जून 2009 से जुलाई 2017 के बीच सोसाइटी का अध्यक्ष रहने के दौरान अन्य लोगों के साथ मिलकर विकास कार्यों के लिए मिले 518 करोड़ रुपयों में से करीब 332 करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी।