आईएनएक्स मामला: सुप्रीम कोर्ट में बोली सीबीआई, मुकदमा शुरू होने से पहले न हो चिदंबरम की जमानत
- आईएनएक्स मीडिया मामला: शीर्ष कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री की जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा
- सीबीआई बोली, मुकदमा शुरू होने और गवाही दर्ज होने से पहले न हो जमानत
- सिब्बल ने कहा, आखिर कहां भागेंगे चिदंबरम, पूरी दुनिया उन्हें जानती है
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सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। हालांकि, सीबीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामला का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते। वहीं, चिदंबरम की ओर से उनके वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को भरोसा दिलाने की कोशिश की चिदंबरम देश छोड़कर नहीं भागेंगे। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में बहस पूरी हो गई।
जस्टिस आर भानुमति की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष सीबीआई की ओर से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा, देश अब भ्रष्टाचार को जरा भी सहन नहीं करेगा। मेहता ने कहा, चार्जशीट वैज्ञानिक और पेशेवर छानबीन के आधार पर होती है, ऐसे में आरोपी चिदंबरम को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, आखिर हम किस हद तक भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने के लिए तैयार हैं। प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉंड्रिंग की जांच कर रहा है। भ्रष्टाचार और मनी लॉंड्रिंग के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चिदंबरम का देश से भागने का भी खतरा है।
वहीं चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चार्जशीट के मसले को ट्रायल कोर्ट में डील किया जाएगा। उनका कहना था कि 2-जी मामले में भी कई आरोप थे लेकिन आखिरकार उसमें क्या निकला। सभी आरोपी बरी हो गए। वहीं, चिदंबरम के भागने के अंदेशे पर उनका कहना था कि आखिर चिदंबरम कहां भागेंगे। सिब्बल ने कहा, पूरी दुनिया उन्हें जानती है क्या वे ट्रायल से भाग सकते हैं?’उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने कभी विदेश जाने के लिए कोई आवेदन नहीं लगाई है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हम इस बात के गवाह रहे कि पूर्व में आर्थिक अपराध करने वाले विदेश भाग गए हैं। देश इस समस्या से जूझ रहा है।
अनाम व्यक्ति की गवाही बेहद अहम
अनाम व्यक्ति की गवाही बेहद अहम, इसलिए न मिले जमानत
मेहता ने दलील दी कि चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। एक गवाह ने प्रभावित करने की कोशिश की बात कही है। इस मामले में एक अनाम व्यक्ति की गवाही बेहद अहम है। अगर चिदंबरम बाहर आ गए तो वह उस अज्ञात गवाह को प्रभावित कर सकते हैं। वह गवाह इंद्राणी या पीटर मुखर्जी नहीं है। हम कोर्ट में बहस के दौरान उसके नाम का खुलासा नहीं कर सकते हैं। सीबीआई ने कहा कि चिदंबरम को जमानत नहीं दी जानी चाहिए इससे गवाहों को प्रभावित करने की गंभीर आशंका है।
सिंगापुर और मारीशस से मांगी जानकारियों के जवाब का इंतजार
जांच एजेंसी ने पीठ को यह भी बताया कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सिंगापुर और मारीशस को भेजे लेटर्स रोगेटरी (विदेश की अदालतों से आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सुबूत या दस्तावेजी जानकारी का आग्रह करने का पत्र) का जवाब आने का इंतजार किया जा रहा है। इस केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में आया था।
दोनों पक्षों में हुई तीखी बहस
जमानत अर्जी पर बहस के दौरान कपिल सिब्बल और तुषार मेहता के बीच तीखी बहस हो गई। दरअसल जब सिब्बल बहस कर रहे थे, उस समय मेहता की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। इस पर कपिल सिब्बल भड़क गए, उन्होंने कहा, मैं जैसे चाहूं बहस कर सकता हूं। तुषार मेहता ने कहा, बीच में कहानी मत बनाइए। इस पर सिब्बल ने कहा, आप कभी कभी धमकाते हैं, आप कभी कभी टोकते हैं।जज वकीलों से बोलीं, कभी मुस्कुरा भी लिया करें