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CBI: जासूसी मामले में पत्रकार-पूर्व नौसेना कमांडर के खिलाफ आरोप पत्र दायर, संवेदनशील सूचना हासिल करने का आरोप
Wed, 12 Jul 2023 09:31 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 12 Jul 2023 09:31 PM IST
सार
CBI: सीबीआई ने कथित तौर पर रक्षा संबंधी संवेदनशील सूचना गुप्त तरीके से हासिल करने और उसे विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ साझा करने के मामले में स्वतंत्र पत्रकार विवेक रघुवंशी और नौसेना के पूर्व कमांडर आशीष पाठक के खिलाफ बुधवार को आरोपपत्र दायर किया।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर रक्षा संबंधी संवेदनशील सूचना गुप्त तरीके से हासिल करने और उसे विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ साझा करने के मामले में स्वतंत्र पत्रकार विवेक रघुवंशी और नौसेना के पूर्व कमांडर आशीष पाठक के खिलाफ बुधवार को आरोपपत्र दायर किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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अधिकारियों ने बताया कि यहां एक विशेष अदालत के समक्ष दायर अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने विवेक रघुवंशी और आशीष पाठक को सरकारी गोपनीयता कानून के कथित उल्लंघन और संबंधित अपराधों में आरोपी बनाया है। अमेरिका के रक्षा एवं सामरिक मामलों के पोर्टल की वेबसाइट पर भारत में संवाददाता के तौर पर सूचीबद्ध रघुवंशी और नौसेना के पूर्व कमांडर पाठक को 16 मई को गिरफ्तार किया गया था।
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मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा था, 'आरोप है कि (रघुवंशी) और उनके सहयोगी (पाठक) के पास भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित गोपनीय दस्तावेज थे। सीबीआई ने मई में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ से मामले की जांच अपने हाथ में ली थी जो पिछले साल सितंबर से रघुवंशी पर नजर रख रही थी।' केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, रघुवंशी और उसके रिश्तेदारों को कथित तौर पर विदेश से तीन करोड़ रुपये मिले थे।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को खुफिया एजेंसियों के जरिए इनपुट मिला था कि कुछ भारतीय पत्रकार विदेशों एजेंसियों के लिए सूचनाओं की खरीद और प्रसारण में लगे हुए हैं, जो मित्र देशों के साथ भारत के संबंधों को खराब करने की क्षमता रखते हैं।
स्पेशल सेल द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर यह माना गया था कि एक पत्रकार 'सशस्त्र बलों की भविष्य की खरीद' के बारे में 'संवेदनशील जानकारी' एकत्र कर रहा था। प्राथमिकी में कहा गया था कि एकत्र की गई जानकारी से मित्र देशों के साथ भारत की रणनीतिक और राजनयिक वार्ता के विवरण के अलावा देश के गोपनीय संचार और राष्ट्रीय सुरक्षा की रणनीतिक तैयारियों का कथित रूप से पता चलता है।
अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया है। सावधानीपूर्वक जमीनी काम और निगरानी के बाद सीबीआई ने 16 मई को दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में 15 स्थानों पर रघुवंशी और अन्य संदिग्धों के परिसरों पर छापे मारे। प्रवक्ता ने बताया था कि सीबीआई ने प्राथमिकी में नामजद आरोपियों और उक्त आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों से संबंधित लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव सहित 48 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
उन्होंने कहा था कि भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। प्रवक्ता ने कहा था, 'आरोपी और अन्य से संबंधित क्लाउड-आधारित खातों, ई-मेल और सोशल मीडिया खातों में संग्रहीत डाटा को भी सीबीआई के डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा बरामद किया गया है।' अधिकारी ने कहा, 'आरोपी के कब्जे से अब तक बरामद उपकरणों की जांच से यह भी पता चला है कि वह विभिन्न स्रोतों से भारत की रक्षा खरीद से संबंधित गोपनीय जानकारी कथित तौर पर एकत्र कर रहा था।'
उन्होंने कहा, 'वह कई विदेशी संस्थाओं/एजेंटों/व्यक्तियों के संपर्क में था और उसने गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए कई विदेशी संस्थाओं के साथ अनुबंध/समझौते किए थे। यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने विदेशी स्रोतों से पर्याप्त राशि प्राप्त की थी।