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कौन है हरियाणा का वांटेड गैंगस्टर अभय राणा?: पुर्तगाल से भारत लाया गया; हत्या की कोशिश-रंगदारी के हैं कई केस
Sat, 09 May 2026 06:55 PM IST
नवीन पारमुवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Sat, 09 May 2026 06:55 PM IST
सार
हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर अभय राणा को पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया। सीबीआई और हरियाणा पुलिस की टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंची। अभय राणा पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और आपराधिक धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।
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सीबीआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Abhay Rana Extradition: हरियाणा पुलिस के लिए सिरदर्द बना गैंगस्टर अभय राणा अब भारत की गिरफ्त में है। सीबीआई ने पुर्तगाल से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। शनिवार को सीबीआई और हरियाणा पुलिस की टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंची। अभय राणा के खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था। वह हरियाणा में रंगदारी, आपराधिक धमकी और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मामलों में वांटेड था। सीबीआई ने इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया है।
सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, 'अभय उर्फ अभय राणा हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था। इसमें जबरन वसूली, आपराधिक धमकी देना, संगठित अपराध सिंडिकेट चलाना, हत्या का प्रयास और जान से मारने की धमकी देना शामिल है।'
कारोबारियों को देता था धमकी
गैंगस्टर अभय राणा के खिलाफ हरियाणा के करनाल में मुख्य मामला दर्ज है। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप कॉल के जरिए स्थानीय व्यापारियों को धमकाता था। वह व्यापारियों से मोटी फिरौती मांगता था। जो लोग उसकी मांगों को पूरा नहीं करते थे, उन पर उसके गिरोह के सदस्य हमला करते थे। जांच पूरी होने के बाद संबंधित अदालत में उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
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यह भी पढ़ें: CBI की कार्रवाई: 27337 करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी की कंपनियों पर ताबड़तोड़ छापे, जानिए सबकुछ
सीबीआई भारत में इंटरपोल से जुड़े सभी मामलों के लिए नोडल एजेंसी है। अधिकारियों ने बताया कि अभय राणा के खिलाफ रेड नोटिस सीबीआई ने ही जारी कराया था। रेड नोटिस दुनिया भर के इंटरपोल सदस्य देशों को किसी भगोड़े को हिरासत में लेने के लिए सचेत करता है। जब पुर्तगाल के अधिकारियों ने अभय राणा की लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया, तब भारत की ओर से प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा गया था।
पुर्तगाल सरकार ने दी मंजूरी
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, 'पुर्तगाल के अधिकारियों द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद प्रत्यर्पण का अनुरोध पेश किया गया था। उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद पुर्तगाल के अधिकारियों ने आरोपी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी।'
पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के जरिए 160 से ज्यादा वांटेड अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। अभय राणा की गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है क्योंकि वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। अब उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, 'अभय उर्फ अभय राणा हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था। इसमें जबरन वसूली, आपराधिक धमकी देना, संगठित अपराध सिंडिकेट चलाना, हत्या का प्रयास और जान से मारने की धमकी देना शामिल है।'
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कारोबारियों को देता था धमकी
गैंगस्टर अभय राणा के खिलाफ हरियाणा के करनाल में मुख्य मामला दर्ज है। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप कॉल के जरिए स्थानीय व्यापारियों को धमकाता था। वह व्यापारियों से मोटी फिरौती मांगता था। जो लोग उसकी मांगों को पूरा नहीं करते थे, उन पर उसके गिरोह के सदस्य हमला करते थे। जांच पूरी होने के बाद संबंधित अदालत में उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
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सीबीआई भारत में इंटरपोल से जुड़े सभी मामलों के लिए नोडल एजेंसी है। अधिकारियों ने बताया कि अभय राणा के खिलाफ रेड नोटिस सीबीआई ने ही जारी कराया था। रेड नोटिस दुनिया भर के इंटरपोल सदस्य देशों को किसी भगोड़े को हिरासत में लेने के लिए सचेत करता है। जब पुर्तगाल के अधिकारियों ने अभय राणा की लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया, तब भारत की ओर से प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा गया था।
पुर्तगाल सरकार ने दी मंजूरी
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, 'पुर्तगाल के अधिकारियों द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद प्रत्यर्पण का अनुरोध पेश किया गया था। उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद पुर्तगाल के अधिकारियों ने आरोपी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी।'
पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के जरिए 160 से ज्यादा वांटेड अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। अभय राणा की गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है क्योंकि वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। अब उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।