West Bengal: संदेशखाली मामले में सीबीआई की कार्रवाई, शाहजहां शेख के भाई समेत तीन गिरफ्तार
West Bengal: संदेशखाली मामले में सीबीआई का एक्शन लगातार जारी है। अब सीबीआई ने शाहजहां शेख के भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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सीबीआई ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख के भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि ‘इन तीनों पर 5 जनवरी को पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हमला करने का आरोप है।’ सीबीआई ने शाहजहां शेख के भाई शेख आलमगीर, तृणमूल कांग्रेस के संदेशखाली छात्र संगठन के अध्यक्ष मफुजर मुल्ला और एक स्थानीय व्यक्ति सिराजुल मुल्ला को गिरफ्तार किया है। तीनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने शाहजहां शेख के भाई समेत तीनों को सवाल जवाब के लिए कस्टडी में लिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज तीन एफआईआर को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
तीनों पर भीड़ को उकसाने का आरोप
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच और तकनीकी साक्ष्यों को देखते हुए तीनों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया। इन तीन गिरफ्तारियों के साथ ही इस मामले में सीबीआई द्वारा पकड़े गए लोगों की संख्या 14 हो गई है। सीबीआई को शक है कि यह तीनों लोग 5 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हमले के दौरान मौजूद थे और इन्होंने वहां मौजूद भीड़ को उकसाने का काम किया। 5 जनवरी के दिन प्रवर्तन निदेशालय की टीम शाहजहां शेख के संदेशखाली स्थित ठिकानों पर छापा मारने के लिए गई थी।
सीबीआई कस्टडी में शाहजहां शेख
शाहजहां शेख को 29 फरवरी को 55 दिन की दौड़ भाग के बाद गिरफ्तार किया गया था। शेख पर संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हुए हमले के बाद से शाहजहां शेख फरार हो गया था। शाहजहां शेख के फरार होने के बाद राज्य की सीआईडी ने जांच अपने हाथों में ले ली थी। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया था। 10 मार्च को कोर्ट ने शाहजहां शेख को चार दिन के लिए सीबीआई कस्टडी में भेजा था। इसके बाद कस्टडी को आठ दिन के लिए बढ़ाया गया। सीबीआई ने 5 जनवरी की घटनाओं से जुड़े तीन मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली हैं। जब लगभग एक हजार लोगों की भीड़ ने प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हमला किया था। इसके अलावा राशन घोटाला मामले में राज्य के एक पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया गया है।