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रेलवे के दो और अधिकारियों पर सीबीआई का शिकंजा, रिश्वत मांगने के आरोप में किया गिरफ्तार
Mon, 18 Jan 2021 09:47 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 18 Jan 2021 09:47 PM IST
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- फोटो : Social Media
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गुवाहाटी की एक कंपनी को आकर्षक ठेका आवंटित करने की खातिर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के दो और वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों अधिकारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) महेंद्र सिंह चौहान के साथ एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में संलिप्त थे। यह जानकारी सोमवार को अधिकारियों ने दी।
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एजेंसी एक ‘‘हवाला’’ संचालक का भी पता लगा रही है जिसने आरोपी कंपनी एबीसीआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन बैद को एक करोड़ रुपये दिल्ली में नकद भेजने में मदद की थी, जहां से बैद का कर्मचारी भूपेन्द्र रावत रुपये लेकर रविवार को कथित तौर पर देहरादून चौहान के एक रिश्तेदार को देने गया था।
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एजेंसी ने अगरतला में पदस्थापित उप मुख्य इंजीनियर हेमचंद बोरा और सहायक मुख्य इंजीनियर लक्ष्मीकांत वर्मा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसने गुवाहाटी में मालीगांव से रविवार को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) महेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि चौहान के अलावा सीबीआई ने उनके दामाद इंद्रा सिंह और भूपेंद्र रावत को देहरादून से गिरफ्तार किया जहां एक करोड़ रुपये की रिश्वत कथित तौर पर दी जानी थी।
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उन्होंने कहा कि पांच गिरफ्तार आरोपियों के साथ सीबीआई ने कंपनी और इसके निदेशक पवन बैद पर आपराधिक षड्यंत्र और रिश्वत के लिए भादंसं और भ्रष्टाचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।एजेंसी ने कहा कि सभी आरोपियों को सोमवार को सक्षम अदालतों में पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बोरा और वर्मा के परिसरों से क्रमशः 18.5 लाख रुपये और 6.5 लाख रुपये बरामद किए जिससे कुल जब्त नकद राशि 2.39 करोड़ रुपये हो गई है। एजेंसी ने दिल्ली, उत्तराखंड, असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल सहित देश भर में 26 ठिकानों पर छापेमारी की है।
सीबीआई के प्रवक्ता आर. सी. जोशी ने एक बयान में कहा कि रिश्वत के बदले ठेकेदारों को ठेका देने, बिल पास करने, भुगतान करने आदि में सहयोग किया जाता था। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि निजी कंपनी का निदेशक आरोपी पवन बैद पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र में जारी विभिन्न परियोजनाओं के सिलसिले में चौहान के संपर्क में था।