एयरसेल-मैक्सिस घोटाला : पी चिदंबरम और कार्ति पर जांच में सहयोग न करने का आरोप
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज दिल्ली की एक अदालत में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर एयरसेल मैक्सिस मामले में जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया। दोनों एजेंसियों ने इस मामले में चिदंबरम और कार्ति द्वारा दायर अग्रिम जमानत की अर्जियों का भी विरोध किया।
दोनों एजेंसियों ने अदालत में कहा कि कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए अपनी क्षमता से आगे की एयरसेल-मैक्सिस सौदे को अनुमति दी, इससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचा और रिश्वत मिली। सीबीआई और ईडी ने एयरसेल मैक्सिस मामले में चिदंबरम और कार्ति से हिरासत में पूछताछ की अनुमति मांगी है।
रोज एवेन्यू अदालत में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि वह बंद लिफाफे में कुछ दस्तावेज पेश करना चाहते हैं जिनमें ईडी के इस मामले से संबंधित कुछ और सबूत हैं। कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध किया।
Aircel Maxis case: Additional Solicitor General KM Nataraj in Rouse Avenue Court said he wants to handover some documents in sealed envelope which has some more evidence related to ED case. Kapil Sibal and Abhishek Manu Singhvi opposed https://t.co/mYeyuQDLOv
— ANI (@ANI) September 2, 2019
चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को गिरफ्तारी से सुरक्षा देने का विरोध करते हुए दोनों एजेंसियों ने कहा कि ऐसा होने पर दोनों सबूतों को मिटा सकते हैं और जांच में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। एयरसेल-मैक्सिस घोटाले के मामले को सुलझाने के लिए सीबीआई और ईडी ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की।
दोनों जांच एजेंसियों ने विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी को बताया कि 73 वर्षीय चिदंबरम और कार्ति ने गंभीर आर्थिक अपराध किए हैं और जनता और राष्ट्र हितों के विरोध में एक बड़ी साजिश थी। सीबीआई ने कहा कि एयरसेल मैक्सिस मामले की जांच चूंकि अभी चल रही है इसलिए चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।
ईडी ने कहा कि चिदंबरम मनी लॉन्ड्रिंग, शेल कंपनियों के निर्माण और अन्य अपराधों में आरोपी हैं। हमारे पास ऐसे कारण हैं जो बताते हैं कि चिदंबरम और कार्ति मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त रहे हैं और यह उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त है।