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सोनिया की गुप्त बैठकों से सतर्क भाजपा ने इलाहाबाद में बुलाई कार्यकारिणी
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Jun 2016 09:34 AM IST
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बैठकों के लिए पहले देहरादून और लखनऊ के नाम पर हुआ था मंथन
- फोटो : PTI
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राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए भाजपा की पहली पसंद उत्तर प्रदेश तो थी, मगर इलाहाबाद इस सूची में कहीं नहीं था। पार्टी नेतृत्व लखनऊ में ही कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का मन बना चुका था। मगर इसी बीच इलाहाबाद के स्वराज भवन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की अप्रैल और मई के मध्य तक बुलाई गई ताबड़तोड़ गुपचुप बैठकों की सूचना के बाद पार्टी नेतृत्व ने कार्यकारिणी की बैठक के लिए आनन-फानन इलाहाबाद के नाम पर मुहर लगा दी।
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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक यह सही नहीं है कि सूबे के नए अध्यक्ष के पूर्वी उत्तर प्रदेश का होने के कारण कार्यकारिणी की बैठक के लिए इलाहाबाद का चुनाव हुआ। बैठक के लिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और लखनऊ के नाम पर मंथन हुआ था। इसी बीच स्वराज भवन में सोनिया-प्रियंका की अलग-अलग गोपनीय बैठकों की जानकारी मिलने के बाद अचानक इलाहाबाद को चुना गया। इन बैठकों में सोनिया-प्रियंका ने अपने चुनिंदा विश्वस्तों के साथ क्रमश: तीन और दो बैठकें की थीं। बैठक का उद्देश्य दरअसल देश और सूबे में मृतप्राय पार्टी में जान फूंकने का था।
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दरअसल रणनीति का पता ना चले इसलिए इसे न सिर्फ गुप्त रखा गया, बल्कि इसे पारिवारिक और निजी यात्रा का नाम भी दिया गया।
भाजपा नेता के मुताबिक इलाहाबाद का चयन हो जाने के बाद स्वाभाविक रूप से इसे पार्टी की पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। सच्चाई यह है कि लोकसभा चुनाव में ही कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाली पार्टी इलाहाबाद में नया जीवन हासिल करने की कांग्रेस की कोशिशों पर पानी फेरना चाहती है। इसी रणनीति के तहत अब पार्टी नेहरू की विरासत पर भी अपना दावा ठोकेगी। गौरतलब है कि भाजपा की इलाहाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह पहली बैठक है।
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