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निर्भया के दोषी को बैनर में दिखाने का मामला: तहसीलदार, लेखाकार और प्रिंटर के खिलाफ कार्रवाई
Sun, 11 Aug 2019 09:19 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 11 Aug 2019 09:19 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
दिल्ली महिला आयोग ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म कांड के एक मुख्य दोषी को होर्डिंग पर दिखाने से जुड़े मामले में भारत निर्वाचन आयोग को जारी किए गए नोटिस के बाद होर्डिंग प्रिंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इस मामले में निर्भया के दोषी को पंजाब चुनाव के दौरान होर्डिंग में बतौर ब्रांड एंबेसडर दिखाया गया था।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल के मुताबिक निर्भया की मां ने उनसे मिलकर शिकायत की थी, उनकी बेटी के दोषी को जनवरी में पंजाब चुनाव आयोग के अधिकारिक होर्डिंग पर बतौर एक आदर्र्श नागरिक के रूप में दिखाया गया था। उन्होंने यह भी बताया था कि यह तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है, जिसमें निर्भया दोषियों में से एक दोषी को पंजाब चुनाव आयोग की ओर से बतौर ब्रांड एंबेसडर दिखाया गया।
इस मामले में संज्ञान लेते हुए स्वाति मालीवाल ने भारत निर्वाचन आयोग को 22 जुलाई 2019 को नोटिस जारी करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस नोटिस में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं कि इस तरह के गलत कामों को फिर से दोहराया न जाए।
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चुनाव आयोग ने अपने जवाब में दिल्ली महिला आयोग को सूचित किया कि आयोग ने नोटिस के बाद जांच शुरू की। जांच में तीन व्यक्तियों चुनाव तहसीलदार होशियारपुर, लेखाकार जिसने प्रिंटिंग प्रेस के पोस्टर को अंतिम रूप दिया और होर्डिंग प्रिंट करने वाले प्रिंटर को इस गलती के लिए जिम्मेदार पाया गया। इसके बाद 23 जुलाई 2019 को चुनाव तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया और साथ ही साथ लेखाकार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके अलावा होर्डिंग प्रिंट करने वाली प्रिंटिंग प्रेस के प्रोपराइटर के खिलाफ 24 जुलाई 2019 को एफआईआर दर्ज की गई है।
स्वाति मालीवाल ने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को अपने कामकाज की निगरानी करनी चाहिए ताकि किसी भी परिस्थिति में वे एक दुष्कर्मी का महिमा मंडन न करें और न ही देश भर में निर्भया की भावनाओं को आहत करें।
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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल के मुताबिक निर्भया की मां ने उनसे मिलकर शिकायत की थी, उनकी बेटी के दोषी को जनवरी में पंजाब चुनाव आयोग के अधिकारिक होर्डिंग पर बतौर एक आदर्र्श नागरिक के रूप में दिखाया गया था। उन्होंने यह भी बताया था कि यह तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है, जिसमें निर्भया दोषियों में से एक दोषी को पंजाब चुनाव आयोग की ओर से बतौर ब्रांड एंबेसडर दिखाया गया।
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इस मामले में संज्ञान लेते हुए स्वाति मालीवाल ने भारत निर्वाचन आयोग को 22 जुलाई 2019 को नोटिस जारी करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस नोटिस में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं कि इस तरह के गलत कामों को फिर से दोहराया न जाए।
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चुनाव आयोग ने अपने जवाब में दिल्ली महिला आयोग को सूचित किया कि आयोग ने नोटिस के बाद जांच शुरू की। जांच में तीन व्यक्तियों चुनाव तहसीलदार होशियारपुर, लेखाकार जिसने प्रिंटिंग प्रेस के पोस्टर को अंतिम रूप दिया और होर्डिंग प्रिंट करने वाले प्रिंटर को इस गलती के लिए जिम्मेदार पाया गया। इसके बाद 23 जुलाई 2019 को चुनाव तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया और साथ ही साथ लेखाकार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके अलावा होर्डिंग प्रिंट करने वाली प्रिंटिंग प्रेस के प्रोपराइटर के खिलाफ 24 जुलाई 2019 को एफआईआर दर्ज की गई है।
स्वाति मालीवाल ने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को अपने कामकाज की निगरानी करनी चाहिए ताकि किसी भी परिस्थिति में वे एक दुष्कर्मी का महिमा मंडन न करें और न ही देश भर में निर्भया की भावनाओं को आहत करें।