{"_id":"5fa723c18ab2b8551d7c949a","slug":"case-filed-for-fraud-against-former-mtnl-employee","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमटीएनएल के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एमटीएनएल के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
Sun, 08 Nov 2020 04:16 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 08 Nov 2020 04:16 AM IST
विज्ञापन
MTNL
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर नौकरी और अनुसूचित जनजाति वर्ग के तहत घर हासिल करने के मामले में एमटीएनएल के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि यह प्रमाणपत्र 44 साल पहले जारी किया गया था। रमेश चंद मीणा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है जो तीन दशक से ज्यादा समय तक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में सेवा देने के बाद 2018 में वरिष्ठ प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमाणपत्र 1976 में राजस्थान के भरतपुर में एसडीएम स्तर के एक अधिकारी द्वारा जारी किया गया था जो उस समय क्षेत्र में तैनात ही नहीं थे।
विज्ञापन
मीणा ने महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में नौकरी के लिए प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया और एसटी कोटे के तहत पश्चिमी दिल्ली के विकास पुरी इलाके में डीजी-1 इलाके में 1987 में फ्लैट हासिल कर लिया।
सीबीआई के मुताबिक, मीणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस से ताल्लुक रखते हैं, जहां उनके पूर्वजों की जमीन है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने पाया कि भरतपुर के डीग के उपजिलाधिकारी द्वारा 10 सितंबर 1976 को जारी प्रमाणपत्र पर कोई क्रमांक नहीं है।