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Hindi News ›   India News ›   CAPF: BSF will shoot down the drone at a distance of 250 meters patrolling 7 breeds of dogs including Afghan Hound Update

बढ़ेगी ताकत: 25 सौ मीटर की दूरी पर ड्रोन को मार गिराएगी बीएसएफ, 'अफगान हाउंड' सहित 7 नस्ल के खोजी कुत्ते करेंगे पेट्रोलिंग 

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 16 Apr 2022 06:13 PM IST
सार

पाकिस्तान से लगती सीमा, विशेषकर पंजाब और जम्मू में ड्रोन आने के दर्जनभर मामले सामने आ चुके हैं। इन ड्रोन के जरिए बॉर्डर के पार से हथियार, ड्रग और दूसरी गैर कानूनी वस्तुएं भारतीय सीमा में गिराई जा रही हैं। बीएसएफ ने ऐसे अनेक ड्रोन गिराए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अभी तक बीएसएफ के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं था जो एक ही साथ एंटी ड्रोन गन और जैमर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। अब बीएसएफ को ये सिस्टम मुहैया कराया जाएगा।

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CAPF: BSF will shoot down the drone at a distance of 250 meters patrolling 7 breeds of dogs including Afghan Hound Update
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, खासकर बीएसएफ एवं सीआरपीएफ की अचूक मारक क्षमता को धार मिलेगी। इन बलों द्वारा भेजे गए कई अहम प्रस्तावों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने काम शुरु कर दिया है। विभिन्न कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ को 25 सौ मीटर की रेंज वाली 'एंटी ड्रोन गन' मुहैया कराई जाएगी। सीआरपीएफ को इलेक्ट्रिक टीयर स्मॉग सेल के लिए कार माउंट लॉन्चर मिलेगा। इन बलों में डिटेक्शन एंड पेट्रोलिंग के लिए सात नस्लों के खोजी कुत्ते आएंगे। ये खोजी कुत्ते विदेशों के पुलिस एंड मिलिट्री डॉग सेंटर से लिए जा सकते हैं। सीमा सुरक्षा बल को 'मोर्टार लोकेटिंग रडार सिस्टम' मुहैया कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। 

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बता दें कि पाकिस्तान से लगती सीमा, विशेषकर पंजाब और जम्मू में ड्रोन आने के दर्जनभर मामले सामने आ चुके हैं। इन ड्रोन के जरिए बॉर्डर के पार से हथियार, ड्रग और दूसरी गैर कानूनी वस्तुएं भारतीय सीमा में गिराई जा रही हैं। बीएसएफ ने ऐसे अनेक ड्रोन गिराए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अभी तक बीएसएफ के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं था जो एक ही साथ एंटी ड्रोन गन और जैमर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। अब बीएसएफ को ये सिस्टम मुहैया कराया जाएगा। एंटी ड्रोन गन की खासियत यह है कि ये दिन और रात में काम कर सकता है। अभी इस पर ट्रायल हो रहा है कि जवानों के लिए क्या एक हाथ से संचालित किया जाने वाला सिस्टम ठीक रहेगा या दोनों हाथों से चलने वाला। 
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एंटी ड्रोन गन का वजन दस किलो से ज्यादा नहीं होगा। इसमें एक ऐसा सिस्टम भी रहेगा, जिसकी मदद से 'यूएवी' आरसी के संचार को जाम कर किया जा सकता है। एंटी ड्रोन गन की यूएवी के सभी क्रियान्वित जीपीएस व स्टेंडर्ड रिमोट कंट्रोल फ्रीक्वेंसी को खत्म करने के अलावा यूएवी के पंखों पर फायर करने की क्षमता रहेगी। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर भी लगा होगा। सिस्टम की मदद से यूएवी की वीडियो ट्रांसमीशन प्रक्रिया सीज हो जाएगी। यह गन एचएचटीआई बीएफएसआर लेजर रेंज फाइंडर और लोरोस सिस्टम से लैस होगी। नेनो यूएवी को 1000 मीटर की दूरी से गिराया जा सकता है। माइक्रो यूएवी/मल्टी रोटर को 12 सौ मीटर से, स्मॉल/हाईब्रिड यूएवी को 15 सौ मीटर दूरी से, मध्यम यूएवी को 2000 मीटर से और बड़े यूएवी को 25 सौ मीटर की दूरी से गिराया जा सकता है।
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खास बात है कि एंटी ड्रोन गन द्वारा डिटेक्ट करने के 10 सेकेंड में यूएवी का रेडियो व जीपीएस लिंक खत्म हो जाएगा। माइनस 20 डिग्री से प्लस 60 डिग्री तापमान में यह गन काम कर सकती है। इसके लिए स्टोरेज तापमान माइनस 30 डिग्री से प्लस 65 डिग्री होना चाहिए। टेंडर की शर्तों में कहा गया है कि यह गन पांच साल की गारंटी में होनी चाहिए। इसकी फुल बैटरी चार्ज होने में चार घंटे लगेंगे। सब कुछ फाइनल होने के बाद संबंधित कंपनी अपने दस तकनीशियनों की मदद से बल के जवानों को ट्रेनिंग देगी। साथ ही सीएपीएफ ट्रेनिंग सेंटरों पर शूट हाउस, शूटर एक्यूरेसी व राउंड एनालाइजर सिस्टम 8 लेन, स्थापित किए जाएंगे। ये रुम इंटरवेंशन सिस्टम सभी तरह की गोलियों को झेलने में सक्षम होंगे। अगर कहीं पर कोई बंधक बना लिया जाता है तो उसे छुड़ाने के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग में यह हाउस काम आएगा। एनएसजी को बम सूट, जिसमें हेलमेट व कान के लिए अलग से उपकरण लगे होंगे, प्रदान किया जाएगा। इसमें संचार उपकरण, कैमरा, सर्च लाइट व लाइव वीडियो की सुविधा रहेगी। इसका वजन 15 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होगा। 

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में ब्रीडिंग के लिए विदेशों व लोकल स्तर पर खोजी कुत्ते खरीदे जाएंगे। डिटेक्शन एंड पेट्रोल वाले खोजी कुत्तों के लिए विदेशों के पुलिस एवं मिलिट्री डॉग सेंटर से बातचीत होगी। विदेशी ओपन मार्केट का रास्ता भी खुला रखा गया है। देश की ओपन मार्केट से भी ये कुत्ते लिए जा सकते हैं। इन सभी कुत्तों का 'के9' ब्हिेवरल एसेसमेंट टेस्ट में पास होना जरुरी है। इन खोजी कुत्तों में स्प्रिंगर स्पेनियल डॉग, अफगान हाउंड, कॉकर स्पेनियल, डोबर्मन पिंसर, डच शेफर्ड, बेल्जियन शेफर्ड, जर्मन शेफर्ड और लैब्राडोर नस्ल के कुत्ते शामिल हैं। अगर ये कुत्ते विदेश से आते हैं तो इनकी आयु कम से कम 36 माह होनी चाहिए। यदि लोकल हैं तो ये 24 माह तक की आयु के खरीदे जाएंगे। 

बीएसएफ को मोर्टार लोकेटिंग रडार सिस्टम मुहैया कराया जाएगा। अभी ये सिस्टम भारतीय सेना के पास है। डीआरडीओ द्वारा भी ऐसा रडार तैयार किया गया है। इसकी मदद से मोर्टार शेल्स और रॉकेट की सटीक लोकेशन की जानकारी मिल जाती है। ये सिस्टम चरणबद्ध तरीके से काम करता है। रडार, एक साथ अलग-अलग जगहों से फायर होने वाले कई हथियारों के बारे में भी पता लगा सकता है। भारतीय सेना जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर इसका प्रयोग कर रही है। बीएसएफ  

को 51 एमएम मोर्टार एचई, कम से कम सौ मीटर से पांच किलोमीटर तक जानकारी देने वाला सिस्टम चाहिए। 60 एमएम मोर्टार एचई, सौ मीटर से छह किलोमीटर तक, 81 एमएम मोर्टार एचई 100 मीटर से 10 किलोमीटर तक और 120 एमएम मोर्टार एचई 100 मीटर से 12 किलोमीटर दूरी पर मोर्टार का पता लगा सकता है।

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