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'पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं लगा सकते': दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला, समय के साथ तय होंगे मानक
Wed, 30 Sep 2026 02:37 PM IST
अमन मौर्या
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:37 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
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'पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं लगा सकते': दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखे जलाने वाले मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक भावनाओं, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। जस्टिस एम. एम. सुंद्रेश ने कहा कि चौबीसों घंटे पटाखे जलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने संकेत दिया कि कोर्ट पटाखे जलाने के लिए तय समय और इस्तेमाल किए जा सकने वाले पटाखों के प्रकार पर विचार करेगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीपीसीबी को बेरियम की जांच और डेसिबल लेवल तय करने, संयुक्त फायर टेस्ट के लिए समय भी दिया। अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।
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एएसजी ने कोर्ट से मांगा समय
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट में बताया कि बेरियम-बेस्ड पटाखों की आउटडोर टेस्टिंग अभी होनी बाकी है। इसके लिए उन्होंने कोर्ट से 15 अक्तूबर तक का समय मांगा। सुनवाई के दौरान उन्होंने बताया कि कुछ शर्तों के साथ जॉइंट पटाखे बनाए जा सकते हैं। इस कोर्ट ने सवाल कियाकि जॉइंट पटाखे क्या होते हैं? इस पर भाटी कहा कि ये लड़ी जैसे होते हैं। इन पर भी बैन लगाया गया था। बता दें कि जॉइंट पटाखा/लड़ी कई छोटे-छोटे पटाखों को एक धागे या तार के सहारे एक साथ आपस में जोड़कर बनाई गई एक लंबी माला होती है। इसे बोलचाल की भाषा में 'पटाखों की माला' 'लड़ी', या 'चटाई पटाखा' भी कहा जाता है।
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याचिकाकर्ता के वकील ने क्या दलील दी?
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि दिवाली के दौरान फसलें भी जल जाती हैं। इस दौरान दो दिनों में पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम न तो पूरी तरह से बैन लगाने जा रहे हैं और न ही उन्हें 24 घंटे तक ऐसा करने की इजाजत देंगे। पूरी तरह से बैन लगाने से लोगों की भावनाएं आहत होंगी और पूरे दिन इसकी इजाजत देने से बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। हमें कोई ऐसा समाधान निकालना होगा जिससे हम एक तय समय दे सकें। कोर्ट ने बताया कि बेरियम प सीपीसीबी की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि कौन से पटाखे इस्तेमाल किए जा सकते हैं।