क्या भारत में भी गांजा सेवन को मिल सकती है छूट? एनडीपीएस एक्ट में करना पड़ेगा बदलाव
हाल ही में अपने पास गांजा रखने के कारण कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति सहित अनेक फिल्मी हस्तियां हुई थीं गिरफ्तार, हुई थी पूछताछ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड फिल्म उद्योग पर नशे का काला साया छा गया। प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के सेवन और उन्हें अपने पास रखने के आरोप में कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति सहित अनेक फिल्मी हस्तियां गिरफ्तार की गईं और उनसे पूछताछ की गई। लेकिन तीन दिसंबर को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में गांजे को प्रतिबंधित श्रेणी से बाहर रखने के पक्ष में मतदान कर नई बहस शुरू कर दी है कि क्या अब भारत में गांजे के सेवन को कानूनी अनुमति मिल जाएगी? अगर ऐसा होता है तो इसके नियम-कानून क्या होंगे? अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में मतदान के बाद अपने यहां गांजे के उपयोग को छूट देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कानून में करना पड़ेगा बदलाव
दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता दर्शन शर्मा के अनुसार गांजे का सेवन वर्तमान एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अवैध माना जाता है। गांजे का सेवन करने, अपने पास रखने, अवैध खेती या व्यापार करने पर मात्रा के आधार पर छह महीने से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके साथ-साथ अर्थदंड भी लगाया जा सकता है। एडवोकेट के अनुसार अगर भारत सरकार भी गांजे के सेवन को अनुमति देने की रहा पर आगे बढ़ती है तो इसके पहले उसे एनडीपीएस एक्ट में बदलाव करना पड़ेगा।
साथ ही, सरकार को इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि अनुमति देने के कारण इसका दुष्प्रभाव समाज के बच्चों पर न पड़े। इसके उपयोग की अनुमति देते समय भी शराब के उपभोग की तरह आयु सीमा और खरीद-उपभोग के संदर्भ में कई नियम-कानून बनाने पड़ेंगे। चूंकि यह एक लंबी प्रक्रिया होती है, इसलिए यह माना जा सकता है कि भारत में गांजे के सेवन को अनुमति मिलने में अभी लंबा समय लग सकता है।
अधिक उपभोग से हो सकती हैं गंभीर समस्याएं
इंडियन साइकिएट्रिक सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. मृगेश वैष्णव ने अमर उजाला को बताया कि गांजा से मनोरोगियों के इलाज के लिए कुछ दवाएं भी विकसित की जा रही हैं जो अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि गांजा का लंबे समय तक सेवन करने से शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ता है। याददाश्त कमजोर होती है और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। ज्यादा उपभोग से कई गंभीर विकार भी पैदा हो सकते हैं।
प्रतिबंध की आवश्यकता
चूंकि गांजा, अफीम, चरस वैज्ञानिक रूप से मूलतः एक ही पादप परिवार के सदस्य हैं, इसलिए अगर गांजे को अनुमति मिलती है तो इसका दुरुपयोग कर अन्य खतरनाक नशीले पदार्थ बनाए जा सकते हैं। इससे अन्य नशीले पदार्थों के उपयोग की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए इसकी अनुमति दिए जाने के समय भी सरकार को कई पहलुओं पर विचार करना पड़ेगा।