{"_id":"5d36dbd98ebc3e6cfc5d7da3","slug":"can-a-new-plan-change-reputation-of-new-delhi-as-it-is-worst-city-in-world-for-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे खराब शहर दिल्ली, क्या इस नई योजना से बदलेगी तस्वीर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे खराब शहर दिल्ली, क्या इस नई योजना से बदलेगी तस्वीर
Tue, 23 Jul 2019 03:35 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Tue, 23 Jul 2019 03:35 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबे समय से देश की राजधानी दिल्ली महिलाओं के लिए दुनिया के सबसे खराब शहरों में अपनी जगह बनाए हुए है। अब दिल्ली सरकार ने दिल्ली की इस तस्वीर को बदलने का ठान लिया है। सरकार ने जून माह में महिलाओं के लिए मेट्रो यात्रा मुफ्त करने की घोषणा की थी। जिसकी अब विदेशी मीडिया भी प्रशंसा कर रही है।
विज्ञापन
वाशिंगटन पोस्ट में छपी खबर में कहा गया है कि अब दिल्ली की सरकार शहर को एक ऐसी योजना के माध्यम से बदलना चाहती है, जिसका इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ है। यहां महिलाओं के लिए सार्वजनिक यातायात को मुफ्त करने की बात चल रही है।
विज्ञापन
समाचार वेबसाइट के अनुसार सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि इस कदम से ना केवल महिला सुरक्षा में सुधार होगा बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर जाने में भी आसानी होगी। शहर में एक व्यापक बस नेटवर्क और 231 मील से अधिक ट्रैक के साथ एक शानदार मेट्रो प्रणाली है, जो वाशिंगटन मेट्रो की तुलना में दोगुना है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार राजधानी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। हालांकि यूरोप के कुछ देशों में वहां के निवासियों के लिए सार्वजनिक यातायात को पूरी तरह मुफ्त कर दिया गया है। लेकिन दिल्ली दुनिया में ऐसा पहला शहर है जहां केवल महिलाओं के लिए सार्वजनिक यातायात मुफ्त करने की घोषणा हुई है।
साल 2012 में निर्भया गैंग रेप मामले ने पूरे देश को ही हिलाकर रख दिया था। जिसमें एक कॉलेज छात्रा के साथ निजी बस में छह लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
मास मीडिया कंपनी थॉमसन रॉयटर्स ने लिंग विशेषज्ञों के सर्वेक्षण में 2018 में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हिंसा के लिए नई दिल्ली को दुनिया के सबसे बुरे शहर (साओ पाओलो के साथ) का दर्जा दिया था। हालांकि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर मेट्रो रेल को माना जाता है। जहां ना केवल महिला गार्ड मौजूद होती हैं, बल्कि सभी तरह के सुरक्षा उपकरण भी होते हैं। यहां महिलाओं के लिए अलग से कोच की भी सुविधा है। लेकिन बावजूद इसके शहर में कई जगह अभी भी ऐसी हैं, जहां महिलाओं का रात को अकेले निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है।
महिलाओं की सुरक्षा के अलावा सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मुफ्त यातायात से कार्यस्थल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। इस मामले में भारत काफी पिछड़ा हुआ देश माना जाता है। 2011 के सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली की केवल 11 फीसदी महिलाएं ही नौकरी करती हैं। ये संख्या देश के प्रमुख शहरों में सबसे कम है। काम की तलाश में महिलाओं को कई बार अपने घरों से काफी दूर तक यात्रा करनी पड़ती है और इस यात्रा में आने वाला खर्च कार्यस्थल पर महिलाओं की कम संख्या का कारण हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय तौर पर भी ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे, जिसमें यूरोप ने इस मामले में लोगों को प्रभावित किया है। एस्टोनिया की राजधानी ताल्लिन ने भी 2013 में निवासियों के लिए सार्वजनिक यातायात को मुफ्त कर दिया था। एक साल के भीतर ही ताल्लिन में सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी, हालांकि गाड़ियों के इस्तेमाल में ज्यादा कमी नहीं आई थी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि वह सितंबर तक इस सुविधा को लागू करना चाहती है लेकिन राह में काफी दिक्कतें हैं। सरकार की इस योजना का कई लोग विरोध भी कर रहे हैं, जिसमें आलोचकों का कहना है कि सरकार केवल अगले साल होने वाले चुनावों में जीत के लिए ऐसा कर रही है। वहीं कुछ आलोचकों का कहना है कि महिलाओं और पुरुषों दोनों को ये सुविधा मिलनी चाहिए।