फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Calls accelerate recruitment ITBP amid challenge of maintaining vigilance find out how many posts are vacant.

चीन सीमा पर झड़प से तनाव: चौकसी की चुनौती के बीच आईटीबीपी में भर्ती तेज करने की मांग, जानें कितने पद हैं खाली

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 23 Oct 2026 07:37 PM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत-चीन सीमा पर तनाव बरकरार है। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर के मुताबिक, दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार गतिरोध हुआ है। सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए आईटीबीपी ड्रोन क्षमता बढ़ाएगी, लेकिन बल में 12,333 पद खाली होने से जवानों की कमी चिंता का विषय है।

विज्ञापन
Calls accelerate recruitment ITBP amid challenge of maintaining vigilance find out how many posts are vacant.
आईटीबीपी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अरूणाचल प्रदेश से लगते भारत-चीन बॉर्डर पर तनाव जारी है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के सैनिक कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। बॉर्डर पर टकराव की स्थिति अभी खत्म नहीं हुई है। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर में स्थित 'सेंट्रल ट्रेनिंग कालेज' पहली बार सार्वजनिक तौर पर यह बात कही है। दूसरी तरफ भारत-चीन बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी में हिमवीरों के 12 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस साल 11 मार्च को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी। 
विज्ञापन


आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने कहा है कि जुलाई के आखिर सप्ताह से ही अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर तनाव देखने को मिल रहा है। खासतौर से ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार गतिरोध जैसी स्थिति आ चुकी है। तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं। इनमें डब्लूएमसीसी, विशेष प्रतिनिधि वार्ता और कोर कमांडर स्तर की बातचीत शामिल है। 
विज्ञापन


कपूर ने कहा, तनाव अभी बरकरार है। आईटीबीपी, ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। फिलहाल स्वीकृत 400 करोड़ रुपये की योजना में से 70 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल ड्रोन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। सभी बटालियनों में ड्रोन प्लाटून गठित की गई हैं। ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षण जारी है। गलवान जैसी स्थिति से निपटने के लिए जवानों को 'स्ट्राइक' कोर्स कराया जा रहा है। कपूर ने कहा, चीन का मुकाबला केवल पारंपरिक सैन्य तरीकों से करना आसान नहीं है। चीन ने अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर बहुत भारी निवेश किया है। बतौर कपूर, वह काफी आगे बढ़ चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

ITBP में साल-दर-साल खाली पदों का विवरण 
-12333 (11 मार्च 2026 के अनुसार रिक्त पद) 

वर्ष

स्वीकृत पद

भरे गए पद

रिक्तियां

2025

1,03,662

88,587

15,035

2024

96,030

88,883

7,147

2023

90,728

86,586

4,142

2022

88,430

84,233

4,147

2021

88,439

82,831

5,608

 

'बॉर्डर सुरक्षा में तैनात किसी भी फोर्स को अपने अफसरों का कोटा पूरा रखना चाहिए। खासतौर से चीन सीमा पर जो हालात पैदा हुए हैं, उसके मद्देनजर आईटीबीपी में सभी अफसरों/जवानों के पद भरे जाना जरुरी है। जब सीमा पर टेंशन होती है तो उस वक्त एकजुटता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई देखी जाती है। ऐसी स्थिति में हर एक पद का अपना खास महत्व होता है। जितनी अहमियत ट्रांसपोर्ट विंग की है, उतनी ही संचार शाखा भी महत्वपूर्ण है। हथियार व गोला बारुद के रख रखाव वाली शाखा और वेल्फेयर ब्रांच के पास भी बड़ी जिम्मेदारी रहती है।'
-बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद 
.................
'सीएपीएफ और एआर में रिक्तियां, सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र, पदोन्नति, मृत्यु, नई बटालियन की स्थापना, नए पदों के सृजन आदि के कारण उत्पन्न होती हैं। रिक्तियों को भरा जाना एक सतत प्रक्रिया है। मंत्रालय, यूपीएससी, एसएससी और संबंधित बलों के माध्यम से रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए तत्परता से कदम उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। सरकार ने सिपाही 'जीडी' के पद के लिए वार्षिक भर्ती, जिसके लिए एसएससी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।'
-गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय  
..............
'भारत से लगते विभिन्न देशों के बॉर्डर और आंतरिक सुरक्षा घेरे को मजबूती प्रदान करने के लिए 53 नई बटालियन सृजित की जाएंगी। 'सीएपीएफ' द्वारा गृह मंत्रालय को इस साल यह प्रस्ताव भेजा गया है। तीन वर्ष के दौरान आईटीबीपी में सात बटालियनों के सृजन को मंजूरी दी गई है। ये बटालियन अब स्थापित हो चुकी हैं। आईटीबीपी में लगभग आठ हजार जवानों की भर्ती के अलावा एक सेक्टर मुख्यालय भी स्थापित किया गया है।'

-विभाग संबंधित गृह कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 257वीं रिपोर्ट  
................
'भारत-चीन की 3488 किलोमीटर लंबी बर्फीली सरहदों की चाक चौबंद चौकसी के लिए कम से कम हर 10 किलोमीटर पर नई अग्रिम चौकियां (बॉर्डर आउट पोस्ट) स्थापित करने की सख्त जरूरत है। आईटीबीपी में हर साल लगातार 20 नई बटालियन खड़ी हों। आईटीबीपी का बजट 50 हजार करोड़ रुपये हो। तभी हम चीन से सटे बर्फीले भूभाग की चाक चौबंद चौकीदारी अच्छे से कर पाएंगे।'
-अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के  महासचिव रणबीर रणबीर सिंह 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed