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बांग्लादेश में भारत के खिलाफ साजिश?: जमात नेता बोले- बंगाल स्वतंत्र राष्ट्र घोषित हो, खुफिया एजेंसियां सतर्क

Sat, 09 May 2026 07:14 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Sat, 09 May 2026 07:14 PM IST
सार

मोहम्मद नुरुल हुदा ने ममता बनर्जी से पश्चिम बंगाल को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की अपील की। खुफिया एजेंसियों ने इसे आईएसआई समर्थित साजिश बताते हुए राज्य में अशांति और भारत-बांग्लादेश संबंध बिगाड़ने की कोशिश करार दिया।

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Call to Make West Bengal an Independent Nation Intelligence Agencies Term It a Major ISI Conspiracy
खुफिया एजेंसियों का दावा पश्चिम बंगाल में बड़ी साजिश की कोशिश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जमात-ए-इस्लामी नेता मोहम्मद नूरुल हुदा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे न देने के फैसले का समर्थन करते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। हुदा ने ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे विधानसभा चुनाव परिणामों को स्वीकार न करें, बल्कि पश्चिम बंगाल को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करें। यह बयान खुफिया एजेंसियों द्वारा पश्चिम बंगाल में संभावित उकसावों की चेतावनी दिए जाने के कुछ ही दिनों बाद आया है।

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खुफिया एजेंसियों ने बताया आईएसआई की साजिश

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि हुदा का यह बयान रणनीतिक रूप से योजनाबद्ध है और इसका उद्देश्य राज्य में बड़ी अशांति फैलाना है। एजेंसियों ने पहले भी चेतावनी दी थी कि आईएसआई के समर्थन वाली जमात पश्चिम बंगाल में तनाव भड़काने की कोशिश करेगी। बांग्लादेश में हुए चुनावों में जमात ने पश्चिम बंगाल से सटी सीमावर्ती सीटों पर बहुमत हासिल किया था, जिसके बाद यह आशंका और बढ़ गई थी। 

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खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की मांग आईएसआई की एक पुरानी चाल है। कुछ साल पहले एजेंसियों ने मुर्शिदाबाद को पश्चिम बंगाल से स्वतंत्र घोषित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक नियोजित आंदोलन को सफलतापूर्वक विफल कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि आईएसआई जमात के कई कट्टरपंथियों के संपर्क में है और उन्हें पश्चिम बंगाल में अशांति फैलाने के निर्देश दे रही है। ये लोग जम्मू-कश्मीर की तरह ही पश्चिम बंगाल में भी आंदोलन शुरू करना चाहते हैं।

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आईएसआई की रणनीति और चुनाव में धांधली का अभियान

आईएसआई की योजना यह है कि एक अभियान चलाया जाए, जिसमें यह कहा जाए कि पश्चिम बंगाल के चुनाव में धांधली हुई थी और अब वहां कोई लोकतंत्र नहीं बचा है। आईएसआई को उम्मीद है कि यह एक जन आंदोलन बन जाएगा और इससे उन्हें सत्ता में तनाव बनाए रखने में मदद मिलेगी।

 एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान भी आईएसआई समर्थित तत्वों ने राज्य में अशांति फैलाने की कई योजनाएं बनाई थीं। उन्होंने झूठे अभियान चलाने की कोशिश की, जिनमें यह जताने का प्रयास किया गया कि भाजपा चुनाव में धांधली करने की कोशिश करेगी। हालांकि, राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते फर्जी प्रचार अभियान नाकाम रहे।

भारत-बांग्लादेश संबंधों को बिगाड़ने का प्रयास

पश्चिम बंगाल में शांति और सद्भाव भंग करने के लिए आईएसआई समर्थित तत्व भारत-बांग्लादेश संबंधों को भी पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। चुनावों के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी सुधार हुआ है और तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बने हैं। यह बात आईएसआई को रास नहीं आई है और वह किसी भी कीमत पर इन संबंधों को बिगाड़ना चाहता है। 

एक अधिकारी ने बताया कि हुदा के ऐसे बयान इसी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। हुदा ने यह भी कहा कि अगर ममता बनर्जी भारत से बंगाल के अलग होने की घोषणा करती हैं तो बांग्लादेश के मुसलमान उनका समर्थन करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि आईएसआई के इशारे पर जमात हमेशा से इस तरह की साजिश करने की कोशिश करती रही है। वह पश्चिम बंगाल को अस्थिर करना चाहती है और फिर पूर्वोत्तर राज्यों की ओर बढ़ना चाहती है।



 
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