फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Calcutta High Court asks probe agencies not to disclose investigation details in Rujira Banerjee petition

कलकत्ता हाईकोर्ट: मीडिया और जांच एजेंसियों के लिए जारी हुए निर्देश; रुजिरा बनर्जी की याचिका पर हुई सुनवाई

Tue, 17 Oct 2023 09:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 17 Oct 2023 09:45 PM IST
सार

न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसियां (वर्तमान मामले में, ईडी) जनता या मीडिया के सामने परिस्थितियों का खुलासा नहीं करेंगी। इसमें किसी विशेष व्यक्ति से पूछताछ, छापेमारी और तलाशी के कारण और विवरण सभी कुछ शामिल हैं।

विज्ञापन
Calcutta High Court asks probe agencies not to disclose investigation details in Rujira Banerjee petition
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों और मीडिया के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने मंगलवार को जांच एजेंसियों से कहा कि वे आरोप पत्र दाखिल करने से पहले किसी भी व्यक्ति की जांच का विवरण जनता या मीडिया को न बताएं। बता दें कि रुजिरा ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि केंद्रीय जांच एजेंसियां और मीडिया केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच के संबंध में नियमित रूप से जानकारी प्रकाशित करके उनके चरित्र पर सवाल खड़े कर रही है। इतना ही नहीं उनके मीडिया उनके परिवार को बदनाम कर रही है। 

विज्ञापन


रुजिरा की इसी याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुनवाई की। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने निर्देश जारी किए। साथ ही कहा कि जांच एजेंसियों को इसका सख्ती से पालन करना होगा। न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसियां (वर्तमान मामले में, ईडी) जनता या मीडिया के सामने परिस्थितियों का खुलासा नहीं करेंगी। इसमें किसी विशेष व्यक्ति से पूछताछ, छापेमारी और तलाशी के कारण और विवरण सभी कुछ शामिल हैं। चाहे वह कार्रवाई आरोपी के खिलाफ हो या गवाह या संदिग्ध के खिलाफ हो। 
विज्ञापन


इसके साथ ही अदालत ने कहा कि मीडिया, समाचारों की रिपोर्टिंग करते समय यह सुनिश्चित करेगा कि प्रसारित सूचना वस्तुनिष्ठ, सटीक और ठोस सामग्री और स्रोतों द्वारा पुष्टि करने में सक्षम हो। उन्होंने आगे कहा कि भले ही मीडिया लेखों में राय और खोजी लेख या मनोरंजन के रूप में अन्य साहित्य शामिल हो। लेकिन जहां विशेष व्यक्तियों का उपहास किया जाता है या किसी भी तरीके से आक्षेप लगाया जाता है, तो ऐसे लेखों के लेखकों के नामों का स्पष्ट रूप से खुलासा किया जाना चाहिए। इसके अलावा, मीडिया, जांच के दौरान और आरोपपत्र दाखिल करने से पहले, जांच या इसके किसी भी पहलू की रिपोर्टिंग करने वाले समाचारों में जांच से जुड़े किसी भी व्यक्ति की तस्वीरें प्रकाशित नहीं करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने निर्देश दिया कि इन दिशानिर्देशों का जांच एजेंसियों, विशेष रूप से ईडी और सभी मीडिया घरानों द्वारा 15 जनवरी, 2024 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो,  पालन किया जाएगा। बता दें कि इस मामले की सुनवाई दिसंबर में होगी। 

गौरतलब है कि रुजिरा बनर्जी ने निजता के अधिकार के आधार पर अदालत का रुख किया था। साथ ही आरोप लगाया था कि निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed