फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Calcutta High Court asked ECI to postpone elections in Berhampur constituency in view of the current situation

West Bengal: 'जहां हिंसा हुई, वहां चुनाव की अनुमति नहीं', मुर्शिदाबाद मामले में हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी

Tue, 23 Apr 2024 04:27 PM IST
अभिषेक दीक्षित एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 23 Apr 2024 04:27 PM IST
सार

अदालत ने सख्त लहजे में कहा, 'यदि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद दो समूहों के लोग लड़ रहे हैं तो एक-दूसरे को अपने प्रतिनिधि को वोट देने का कोई हक नहीं है।'

विज्ञापन
Calcutta High Court asked ECI to postpone elections in Berhampur constituency in view of the current situation
कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पर नाराजगी जताते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि वह चुनाव आयोग से बहरामपुर लोकसभा सीट पर मतदान देर से कराने के लिए कहेगा। अदालत ने कहा, अगर कुछ घंटे भी लोग शांतिपूर्वक त्योहार नहीं मना सकते, तो वहां चुनाव की जरूरत क्या है? बहरामपुर सीट के लिए 13 मई को मतदान होना है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ बहरामपुर के मुर्शिदाबाद में हिंसा की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में 13 व 17 अप्रैल को हुई हिंसा की सीबीआई और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा, यदि आदर्श आचार संहिता लागू होने पर भी दो समूह लड़ रहे हैं, तो उन्हें किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधियों की जरूरत नहीं है, क्योंकि चुनाव एक और समस्या पैदा करेगा। गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद में रामनवमी की शोभायात्रा पर छतों से ईंटें व बम फेंक गए थे। मामले में हिंदू व मुस्लिम दोनों पक्षों ने याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने कहा, राज्य व केंद्रीय एजेंसियां चाहें तो हलफनामा दे सकती हैं। कोर्ट ने कहा, राज्य को अदालत को रिपोर्ट देनी चाहिए कि रामनवमी पर क्या हुआ।  
विज्ञापन


किसने उकसाया, यह जानना जरूरी
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, रामनवमी पर कोलकाता में 33 से अधिक कार्यक्रम हुए, लेकिन कहीं हिंसा नहीं हुई। मुर्शिदाबाद में जहां हिंसा हुई, वहां पहले कभी रामनवमी पर हिंसा नहीं हुई थी। इसलिए यह जानना जरूरी है कि इसके लिए किसने उकसाया? क्या इसमें बाहरी लोग शामिल थे?

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed