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Calcutta HC: हाईकोर्ट ने बार-रेस्तरां में हुक्का के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटाया, कहा- सरकार ने नहीं बनाया नियम

Tue, 24 Jan 2023 08:17 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 24 Jan 2023 08:17 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि रेस्तरां और बार को हुक्के के इस्तेमाल के लिए अलग से व्यापार लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। इसने कहा, कोलकाता नगर निगम या बिधाननगर नगर निगम द्वारा जारी किए गए उपरोक्त निर्देश के विपरीत कोई भी निर्देश अवैध और कानून की दृष्टि से गलत है।   

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Calcutta HC sets aside ban on use of hookahs in bars and restaurants in Kolkata and Salt Lake
हुक्का (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाईकोर्ट ने कोलकाता और साल्ट लेक में बार और रेस्तरां में हुक्के के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को मंगलवार को रद्द कर दिया।  नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करते हुए दावा किया था कि दोनों शहरों में ऐसे रेस्तरां और बार ने केंद्र सरकार के सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है।    

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जस्टिस राजशेखर मंथा ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस संबंध में कोई नियम नहीं बनाया है और किसी नियम के अभाव में कोलकाता और बिधाननगर नगर निगम में वैध लाइसेंस वाले बार और रेस्तरां में हुक्के के इस्तेमाल के खिलाफ आदेश पारित नहीं कर सकते।  
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कोर्ट ने कहा कि रेस्तरां और बार को हुक्के के इस्तेमाल के लिए अलग से व्यापार लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। इसने कहा, कोलकाता नगर निगम या बिधाननगर नगर निगम द्वारा जारी किए गए उपरोक्त निर्देश के विपरीत कोई भी निर्देश अवैध और कानून की दृष्टि से गलत है।   
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जस्टिस मंथा ने कहा कि हालांकि इन प्रतिष्ठानों को सीओटीपी अधिनियम 2003 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करना जरूरी है। एसोसिएशन के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल सीओटीपी अधिनियम, 2003 के नियमों और विनियमों और अन्य लागू विधियों और नियमों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। 

एसोसिएशन के वकील ने दावा किया कि वे केवल हुक्के में तंबाकू, निकोटीन और हर्बल उत्पादों के उपयोग की अनुमति देते हैं। कोर्ट ने कहा कि चूंकि नियमों और विनियमों के अधीन बार और रेस्तरां में तंबाकू, निकोटीन और हर्बल उत्पादों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला कोई कानून नहीं है, इसलिए न तो कोलकाता नगर निगम और न ही बिधाननगर नगर निगम हुक्के के उपयोग को प्रतिबंधित किया जा सकता है।    


जस्टिस मंथा ने निर्देश दिया कि उनका आदेश बिधाननगर पुलिस या कोलकाता पुलिस को यह सुनिश्चित करने से नहीं रोकेगा कि रेस्तरां और बार मालिकों द्वारा अन्य कानूनों का उल्लंघन नहीं किया जाए।

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