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West Bengal: ममता सरकार से कोर्ट का सवाल-शांतिपूर्ण रैली की अनुमति क्यों नहीं, जानें क्या है पूरा मामला

Tue, 02 May 2023 09:33 PM IST
शिव शरण शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 02 May 2023 09:33 PM IST
सार

डीए की मांग कर रहे कर्मचारियों ने सचिवालय के घेराव के लिए रैली निकालने की अनुमति पुलिस से मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद डीए कर्मचारियों ने कोर्ट का रुख किया था।

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Calcutta HC seeks response from Mamta government for not allowing employees demanding DA to take out rally
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की ममता सरकार से सवाल किया- अगर कोई शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकालना चाहता है तो उसे अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। आखिर सरकार को समस्या क्यों है। 

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दरअसल, डीए की मांग कर रहे कर्मचारियों ने सचिवालय के घेराव के लिए रैली निकालने की अनुमति पुलिस से मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद डीए कर्मचारियों ने कोर्ट का रुख किया था। मंगलवार को इस पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजशेखर मंथा की एकल पीठ ने राज्य सरकार से सवाल किया। पीठ ने पूछा कि डीए की मांग कर रहे कर्मचारी अगर शांतिपूर्वक तरीके से रैली निकालना चाहते हैं तो सरकार अनुमति क्यों नहीं दे रही है।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, विरोध लोगों का मूल अधिकार है। अगर शांतिपूर्ण जुलीस है तो राज्य सरकार दिक्कत क्यों है। आखिर इजाजत क्यों नहीं दी जा रही है। कोर्ट को बार-बार जुलूस निकालने के लिए दखल देना पड़ रहा है। विरोध या शांतिपूर्ण विरोध मौलिक अधिकार है। जुलूस की मंजूरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
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जस्टिस अमृता को सौंपी गईं बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले की दो याचिकाएं
उधर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में अनियमितता की दो याचिकाएं जस्टिस अमृता सिन्हा को सौंप दी। इससे पहले यह मामला जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के पास था, जिनके एक टीवी साक्षात्कार में हिस्सा लेने के बाद शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इस मामले को दूसरे जज को सौंपने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट से जारी अधिसूचना के मुताबिक सौमेन नंदी बनाम पश्चिम बंगाल सरकार और रमेश मलिक बनाम पश्चिम बंगाल सरकार मामले में अब जस्टिस अमृता सिन्हा की अदालत सुनवाई करेगी। 

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