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Doctor Murder Case: कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने संभाली जांच; अदालत ने आज ही सुनाया था फैसला

Tue, 13 Aug 2024 03:35 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 13 Aug 2024 03:35 PM IST
सार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल पद से प्रोफेसर (डॉ.) संदीप घोष ने कल इस्तीफा दे दिया था। उसके कुछ ही समय बाद ही उन्हें कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में नियुक्त कर दिया गया था।

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Calcutta HC orders transfer of probe into murder of woman doctor to CBI
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया निर्देश - फोटो : ANI

विस्तार

कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में महिला प्रशिक्षु डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच इस मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए। कोर्ट ने मामले से जुड़ सभी दस्तावेज तत्काल केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने के निर्देश भी दिए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।

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सीबीआई ने अपने हाथ में ली जांच
इस बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी ने कोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं। फॉरेंसिक और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ दिल्ली से सीबीआई अधिकारियों का एक दल बुधवार को कोलकाता पहुंचेगा। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
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मुख्य न्यायाधीश ने सख्त टिप्पणी की थी
इससे पहले कई जनहित याचिकाओं के दायर होने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल पद से प्रोफेसर (डॉ.) संदीप घोष को छुट्टी पर भेज दिया था। अदालत ने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए किसी के पद से इस्तीफा देने के बाद उसकी किसी और सरकारी कॉलेज में नियुक्ति कैसे की जा सकती है। साथ ही उन्होंने आज दोपहर तीन बजे से पहले संदीप घोष को छुट्टी का आवेदन जमा करने को कहा था। इसके साथ ही आज दोपहर एक बजे अदालत में मामले की केस डायरी दाखिल करने का निर्देश दिया था। 
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पीठ के निर्देश पर पश्चिम बंगाल सरकार ने दोपहर एक बजे केस डायरी पेश की। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बता दें, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल पद से प्रोफेसर (डॉ.) संदीप घोष ने कल इस्तीफा दे दिया था। उसके कुछ ही समय बाद ही उन्हें कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में नियुक्त कर दिया गया था।

क्या घोष से पूछताछ हुई थी?
याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवागनानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि जांच में कुछ गायब है और पूछा कि क्या मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष का बयान दर्ज किया गया था, इस पर राज्य के वकील ने ना में जवाब दिया।

खंडपीठ में न्यायमूर्ति हिरणमय भट्टाचार्य भी शामिल हैं। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि अगर प्रिंसिपल ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था तो उन्हें किसी अन्य सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के रूप में कैसे नियुक्त किया जा सकता है। साथ ही अदालत ने आज दोपहर तीन बजे तक छुट्टी का आवेदन जमा करने का आदेश दिया। साथ कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो अदालत उन्हें पद छोड़ने का आदेश देगी।

अप्राकृतिक मौत का मामला क्यों नहीं शुरू किया?
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूछा कि यहां सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में हत्या का मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया और अप्राकृतिक मौत का मामला क्यों नहीं शुरू किया गया।

इस पर पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने बताया कि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, हत्या की तत्काल कोई शिकायत नहीं है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि स्नातकोत्तर प्रशिक्षु का शव सड़क किनारे नहीं मिला और अस्पताल के अधीक्षक या प्रिंसिपल शिकायत दर्ज करा सकते थे।

प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा कि हत्या इतनी भयावह थी कि डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं द्वारा अपनी पीड़ा जाहिर करना सही था। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य को आंदोलनकारी डॉक्टरों के साथ बातचीत करनी चाहिए। इस बीच, राज्य सरकार के वकील ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस मामले में पारदर्शी जांच कर रही है। 



अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि वह एक प्रशासनिक पद पर नियुक्त रह सकते हैं, लेकिन उनसे सबसे पहले पूछताछ होनी चाहिए थी। कोर्ट ने राज्य के वकील से भी पूछा कि आप उन्हें क्यों बचा रहे हैं। उनका बयान दर्ज करें। वह जो कुछ भी जानते हैं उन्हें बताने दो।

एक बजे तक केस डायरी पेश करे सरकार
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मामले की जांच की केस डायरी दोपहर एक बजे उसके समक्ष पेश करे। स्नातकोत्तर प्रशिक्षु के माता-पिता ने मामले में अदालत की निगरानी में जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। कई अन्य जनहित याचिकाएं भी दायर की गई थीं, जिनमें इसकी सीबीआई जांच की मांग की गई थी।

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