{"_id":"61686de506c8aa46ce009b94","slug":"calcutta-hc-grants-anticipatory-bail-to-kailash-vijayvargiya-two-other-bjp-leaders-in-case-of-assault-on-woman","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: विजयवर्गीय समेत तीन को अग्रिम जमानत, महिला पर हमले के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी राहत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: विजयवर्गीय समेत तीन को अग्रिम जमानत, महिला पर हमले के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी राहत
Thu, 14 Oct 2021 11:20 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 14 Oct 2021 11:20 PM IST
सार
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय व दो अन्य के खिलाफ अलीपुर कोर्ट ने एफआईआर दायर करने का आदेश दिया था। इसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनैती दी थी।
विज्ञापन
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय
- फोटो : ANI
विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महिला पर हमले व उसे धमकी देने के मामले में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा नेता जिष्नु बसु व प्रदीप जोशी को गुरुवार को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं ने कोलकाता के अलीपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा मामले में एफआईआर दायर करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर उन्हें यह राहत प्रदान की गई है। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि याचिकाकर्ताओं ने 29 नवंबर 2018 को उसके साथ अलीपुर के एक अपार्टमेंट में दुष्कर्म किया और उस पर हमला भी किया गया।
विज्ञापन
कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस हरीश टंडन व जस्टिस के चंदा की पीठ ने निर्देश दिया कि विजयवर्गीय, बसु व जोशी की गिरफ्तारी की दशा में उन्हें 10-10 हजार रुपये के बांड और इतनी ही राशि की जमानत, जिनमें से एक जमानतदार स्थानीय होना चाहिए पर रिहा किया जाए।
विज्ञापन
अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि अंतरिम जमानत 25 अक्तूबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ व गवाहों को धमकाने का प्रयास न किया जाए। 25 अक्तूबर को केस उपलब्ध अवकाशकालीन पीठ के समक्ष पेश किया जाए।
महिला के आरोप के आधार पर वर्ष 2019 में सरसुना और वर्ष 2020 में बोलपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि पुलिस ने सरसुना थाने की शिकायत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसके बाद उक्त महिला ने वर्ष 2000 में अलीपुर की अदालत में केस लगाया और तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की अपील की। अलीपुर कोर्ट ने महिला की अपील खारिज कर दी थी। इस पर वह कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक चौधरी ने निचली अदालत को महिला की अपील पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। आखिरकार अलीपुर कोर्ट ने आठ अक्तूबर को एफआईआर दायर करने का आदेश दे दिया। उसी दिन कैलाश विजयवर्गीय समेत तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ भवानीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। हाईकोर्ट के आदेश को विजयवर्गीय समेत तीनों नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के चुनौती दी है।