गुजरात पेट्रो कारपोरेशन मामले में सीएजी रिपोर्ट पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
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कांग्रेस ने गुजरात पेट्रो कारपोरेशन मामले में सीएजी की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जबाब की मांग पर राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। कांग्रेसी सदस्य इस मसले पर चर्चा की मांग करते हुए वेल में आकर नारे लगाने लगे। उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि यह मामले सभापति के विचाराधीन है। सभापति ही इस पर निर्णय लेंगे।
कांग्रेस सदस्य इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा जारी रखा। उपसभापति की अपील पर भी कांग्रेस सदस्य शांत नहीं हुए। इस कारण सदन आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस अगस्ता मामले से ध्यान हटाने के लिए गुजरात का मामला उठा रही है।
राज्यसभा में चूंकि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य ने अगस्ता मामले में रिश्वत लेने वालों के संबंध में मुद्दा उठाया है इसलिए अब कांग्रेस उससे ध्यान हटाने के लिए नया मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यों के संबंध में सीएजी रिपोर्ट पर विधानसभा की लोकलेखा समिति विचार करती है। अगर राज्यों के मामले में राज्यसभा में चर्चा होने लगेगी तो विधानसभा में यहां के मसलों पर चर्चा होने लगेगी। यह परंपरा ठीक नहीं है।
हजारो करोड़ की गड़बड़ी का मामला
जेटली के इस कथन पर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, आनन्द शर्मा और जयराम रमेश ने आपत्ति जताई। आजाद ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही नोटिस दी गई थी। जयाराम रमेश ने सदन के नेता जेटली पर सदन को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
जयराम रमेश ने कहा कि यह हजारों करोड़ का मामला है। गुजरात के कृष्णा गोदावरी बेसिन में गैस भंडार का पता लगाने के लिए यह राशि खर्च की गई। मधुसूदन मिस्त्री ने इसे 30 हजार करोड़ की गड़बड़ी का मामला बताया।