फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CAG: Even after seven years of approval, the akash missile not being deployed due to flaws

CAG का खुलासा: मंजूरी मिलने के बाद भी खामियों की वजह से नहीं तैनात हुई आकाश मिसाइल

Sat, 29 Jul 2017 08:28 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sat, 29 Jul 2017 08:28 AM IST
विज्ञापन
CAG: Even after seven years of approval, the akash missile not being deployed due to flaws

महानियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (सीएजी) ने कहा है कि सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल आकाश के परीक्षण के दौरान विफलता की दर 30 फीसदी है। उन्होंने युद्ध के दौरान इस कमी को खतरा बताया है। लोकसभा में शुक्रवार को पेश रिपोर्ट में सीएजी ने कहा है कि सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. से प्राप्त सामरिक मिसाइल प्रणाली की गुणवत्ता में खामी है।

विज्ञापन


इन मिसाइल को चीन सीमा पर तैनात किया जाना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मिसाइल प्रणाली को 2013 से 2015 के बीच छह निर्धारित ठिकानों पर तैनात किया जाना था। लेकिन उन ठिकानों पर निर्माण कार्य में देरी के कारण 3619 करोड़ रुपये में प्राप्त एक भी मिसाइल प्रणाली को आज तक तैनात नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन


यह गंभीर चिंता का विषय है। सीएजी ने हालांकि मिसाइल प्रणाली के नाम का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि उसका इशारा आकाश मिसाइल की ओर ही था।  नवंबर 2014 तक प्राप्त 80 मिसाइल में से 20 मिसाइलों का परीक्षण किया गया। उनमें से छह मिसाइल परीक्षण के दौरान 30 फीसदी तक विफल रहे। लेखा परीक्षक का कहना था कि परीक्षण के दौरान 30 फीसदी विफलता काफी ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शेष मिसाइलों के परीक्षण के लिए फैक्टरी पर भरोसा बढ़ाने को कार्रवाई करने की जरूरत है। प्रारंभिक विफलता जांच रिपोर्ट में कमियों का उल्लेख करते हुए सीएजी ने बताया कि मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाती है

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed