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नागरिकता कानून आठ दिन बाद मेघालय में पटरी पर लौटा जनजीवन, इंटरनेट सेवाएं बहाल
Sat, 21 Dec 2019 12:53 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 21 Dec 2019 12:53 PM IST
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इंटरनेट
- फोटो : Social media
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मेघालय में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर पिछले आठ दिन से ठप पड़ी इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट और व्यापक स्तर पर संदेश भेजने की सेवाओं पर 12 दिसम्बर को रोक लगाई गई थी, जिसे कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने के बाद शुक्रवार शाम सात बजे बहाल कर दिया गया।
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मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने गृह विभाग के अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और एसएमएस सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए।
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अधिकारी ने बताया कि विधानसभा में राज्य में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) लागू करने के लिए केन्द्र से आग्रह करने के एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से गुरुवार को स्वीकार करने के बाद मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और संदेश सेवाओं को बहाल करने का निर्णय लिया गया।
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पूर्वी खासी हिल्स के जिला के मजिस्ट्रेट एम. डब्ल्यू. नोंगब्री ने बताया कि सदर और लुमदिएंजरी थाना क्षेत्रों में लगे कर्फ्यू में सुबह पांच बजे से रात नौ बजे तक 16 घंटे के लिए ढील दी गई है। पिछले 24 घंटे में इन इलाकों से किसी भी तरह की अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है।
इस बीच, मुख्यमंत्री पुलिस बाजार इलाके में शुक्रवार रात क्रिसमस की खरीदारी करते नजर आए। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ राज्य में जारी प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों से मिलने मुख्यमंत्री शनिवार सुबह एक सरकारी अस्पताल भी पहुंचे।
सभी सामाजिक संगठनों और दबाव बनाने वाले समूहों की शीर्ष इकाई कन्फेडरेशन ऑफ मेघालय सोशल आर्गनाइजेशन (सीओएमएसओ) ने राज्य में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) को लागू करने के लिए केन्द्र से आग्रह करने के प्रस्ताव का स्वागत किया है।