संसद: '..अंत तक राष्ट्रपति थक गई थीं, मुश्किल से बोल पा रही थीं', सोनिया के बयान पर बवाल; भाजपा ने किया पलटवार
संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के बयान पर बवाल मच गया है। सोनिया गांधी ने संसद के बाहर राष्ट्रपति को पूअर थिंग कहा। राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण को बोरिंग बताया। इस पर भाजपा ने पलटवार किया और इसे राष्ट्रपति का अपमान करार दिया।
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विस्तार
संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के बयान पर बवाल मच गया है। सोनिया गांधी ने संसद के बाहर राष्ट्रपति को 'पूअर थिंग' कहा। राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण को बोरिंग बताया। इस पर भाजपा ने पलटवार किया और इसे राष्ट्रपति का अपमान करार दिया। इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला।
#WATCH | Delhi | After the President's address to the Parliament, Congress MP Sonia Gandhi says,"...The President was getting very tired by the end...She could hardly speak, poor thing..." pic.twitter.com/o6cwoeYFdE
— ANI (@ANI) January 31, 2025विज्ञापन
सोनिया गांधी ने क्या कहा?
दरअसल, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद शुक्रवार को कहा कि वह अपने संबोधन के आखिर तक थक गई थीं और बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, 'अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गई थीं...वह मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी।' वहीं, राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के भाषण को बोरिंग कहा।
सोनिया और राहुल से क्या उम्मीद की जा सकती है: धर्मेंद्र प्रधान
सोनिया गांधी की टिप्पणी को भाजपा ने राष्ट्रपति का अपमान करार दिया। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति का अपमान किया है। कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और उनके बेटे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के खिलाफ जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, मैं उसकी कल्पना भी नहीं कर सकता। उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है?
#WATCH | Delhi: On Congress MP Sonia Gandhi's statement, Union Minister Dharmendra Pradhan says, "Such an insult of the President was unprecedented. The kind of words Congress MP Sonia Gandhi and his son and LoP Rahul Gandhi used against the President, I cannot even imagine. What… https://t.co/VGnuNY5J63 pic.twitter.com/gpOjW1olEv
— ANI (@ANI) January 31, 2025
सांविधानिक पदों का अपमान करती है कांग्रेस: मजूमदार
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि एक समय था जब कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी माना जाता था। जब से राहुल गांधी ने पार्टी की बागडोर संभाली है, उनके सभी सलाहकार जेएनयू के अति वामपंथी रहे हैं। यही कारण है कि उनकी सभी नीतियां और बयान सभी सांविधानिक पदों के प्रति अपमानजनक हैं। एक आदिवासी महिला जो भारत की प्रथम नागरिक बन गई है, उनके भाषण के बारे में ऐसा कुछ कहना कांग्रेस से अपेक्षित है।
#WATCH | On Congress MP Sonia Gandhi's statement, Union Minister Sukanta Majumdar says, "There was a time when Congress was considered as a National Party. Ever since Rahul Gandhi took over, all his advisors have been extreme leftists from JNU. This is why all their policies and… https://t.co/VGnuNY5J63 pic.twitter.com/IQGD9O2XvI
— ANI (@ANI) January 31, 2025
राष्ट्रपति और आदिवासी समुदाय से माफी मांगे कांग्रेस: नड्डा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मैं और हर भाजपा कार्यकर्ता सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए प्रयोग किए गए शब्दों की कड़ी निंदा करते हैं। जानबूझकर ऐसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस पार्टी की अभिजात्य, गरीब विरोधी और आदिवासी विरोधी प्रकृति को दर्शाता है। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस राष्ट्रपति और भारत के आदिवासी समुदायों से बिना शर्त माफी मांगे।
I and every @BJP4India Karyakarta STRONGLY CONDEMNS the usage of the phrase "poor thing" by Smt. Sonia Gandhi for Honourable President of India, Droupadi Murmu Ji. The deliberate usage of such words shows the elitist, anti-poor and anti-tribal nature of the Congress Party. I…
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) January 31, 2025
उच्च पद का अपमान: मालवीय
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति के उच्च पद का अपमान किया है। यह उनकी सामंती मानसिकता को दर्शाता है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने देश के सर्वोच्च सांविधानिक पद पर आसीन पहली आदिवासी महिला का उपहास किया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जो अक्सर संविधान की प्रति दिखाते हैं, उन्होंने राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट करने के बारे में भी नहीं सोचा है। कांग्रेस में बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान, सांविधानिक मूल्यों या सामाजिक रूप से हाशिए पर पड़े लोगों दलितों, ओबीसी और आदिवासियों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। सड़ांध शीर्ष से शुरू होती है।
Sonia Gandhi referring to the President as a ‘poor thing’ demeans the high office and reflects her feudal mindset. This is not the first time the Congress has ridiculed the first tribal woman to hold the highest constitutional office in the country.
— Amit Malviya (@amitmalviya) January 31, 2025
Rahul Gandhi, the Leader of…
राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि जब कांग्रेस सत्ता से बाहर होती है तो वह अपना दिमाग खो देती है। उन्हें नहीं पता कि सांविधानिक पदों पर कैसे बात करनी चाहिए। मैंने देखा कि जब आज राष्ट्रपति के अभिभाषण के अंग्रेजी संस्करण से कुंभ में जान गंवाने वालों के लिए शोक संदेश पढ़ा जा रहा था, तो सोनिया जी मुस्कुरा रही थीं। वह अपनी पार्टी के सांसदों को शोर मचाने के लिए भी कह रही थीं। सदन में उनका आचरण बहुत ही निम्न स्तर का है।
सोनिया मांगें माफी: रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं सोनिया गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा करता हूं। हमारी राष्ट्रपति आदिवासी महिला हैं। वह कमजोर नहीं हैं। द्रौपदी मुर्मू ने देश और समाज के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है और वे कल्पना भी नहीं कर सकते कि उन्होंने किस तरह का काम किया है। उन्हें उनसे माफी मांगनी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर बोला हमला
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग भड़काने का कोई विदेशी प्रयास नहीं वाले बयान पर कहा कि वह लोगों के मुद्दों पर न तो बात करते हैं और न ही उनका समाधान करते हैं। हमने पिछले सत्र में देखा कि उन्होंने चर्चा की अनुमति नहीं दी। इसलिए वह ऐसी बातें कह रहे हैं।
संसद सत्र से पहले अपने संबोधन में मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा था कि 2014 से हर सत्र से पहले कुछ लोग शरारत करने के लिए तैयार रहते हैं और ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देने वालों की भी कोई कमी नहीं है। शायद 2014 से लेकर अब तक ये पहला संसद का सत्र है, जिसके एक-दो दिन पहले कोई विदेशी चिंगारी नहीं भड़की।