Biz Updates: ऑनलाइन आवेदन से मिनटों में खाद्य लाइसेंस; अब तकनीकी गड़बड़ी पर शेयर बाजार MD-CTO से जुर्माना नहीं
खाद्य कारोबारियों को अब लाइसेंस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विक्रेताओं को कुछ ही मिनट में लाइसेंस मिल जाएगा। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। दिल्ली मॉडल से मिले अनुभव के बाद भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इस पहल को पूरे देश में लागू किया।
एफएसएसएआई ने देश भर में शुरू की पहल
शुक्रवार को एफएसएसएआई ने बताया कि अभी तक लाइसेंस प्रक्रिया में करीब 30 से 60 दिन का वक्त लगता था लेकिन इन्सटैंट लाइसेंस स्कीम के तहत खाद्य विक्रेताओं को तुरंत लाइसेंस और पंजीयन उपलब्ध होगा। होम सेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, रिटेलर्स, ट्रांसपोर्टर, छोटे खाद्य कारोबारी और अन्य चुनिंदा कारोबारियों को यह लाइसेंस तुरंत मिल सकेगा। इस पहल का प्रभाव अगले कुछ समय में देश की बेहतर खाद्य सेवाओं के रूप में दिखाई देगा। इसमें ऑन द स्पॉट लाइसेंस के साथ साथ डिजिटल सत्यापन, सरल दस्तावेजीकरण, सेवाओं का विस्तार शामिल है। साथ ही छोटे रेहड़ी पटरी वाले खाद्य विक्रेताओं को काफी फायदा होगा।
तकनीकी गड़बड़ियों के लिए शेयर बाजारों व अन्य बाजार अवसंरचना संस्थानों (एमआईआई) के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) पर अब वित्तीय जुर्माना नहीं लगेगा। सेबी के निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। भारतीय प्रकिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस संबंध में विभिन्न सलाहकार समितियों से सिफारिशें मिलने के बाद यह निर्णय लिया है। सेबी ने एमआईआई के प्रदर्शन के आकलन के लिए बुनियादी न्यूनतम मानदंड प्रदान करने के उद्देश्य से बाह्य मूल्यांकनकर्ताओं की ओर से विचार किए जाने वाले व्यापक न्यूनतम मापदंडों को भी मंजूरी दी। इस तरह का बाहरी मूल्यांकन हर तीन साल में एक बार होगा, जबकि पहला मूल्यांकन इस तंत्र के कार्यान्वयन की तिथि से 12 महीने के भीतर होगा।
व्यक्तिगत शेयरों के लिए सख्त मानदंड
सेबी ने डेरिवेटिव श्रेणी में व्यक्तिगत शेयरों के प्रवेश और निकासी के लिए सख्त मानदंडों को मंजूरी दे दी। इस कदम से वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) श्रेणी से लगातार कम कारोबार वाले शेयरों को बाहर किया जा सकेगा। सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच ने कहा, एफएंडओ पर गौर करने के लिए एक विशेषज्ञ समूह बनाया गया है। यह तीन बाजार विकास, निवेशक संरक्षण व जोखिम मापदंड पर गौर करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) में निवेश 2029 में जीडीपी का 6.5 प्रतिशत हो जाएगा, जो अभी 2024 में जीडीपी का 5.3 प्रतिशत है। साथ ही देश के बुनियादी ढांचे में सुधार की वजह से विदेशी निवेश और निर्यात भी बढ़ेगा। पीएम गति शक्ति की वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में अगले 5 सालों में 1.45 लाख करोड़ डॉलर खर्च होंगे। पीएम गति शक्ति योजना की वजह से चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा होने में मदद मिलेगी। जिसकी वजह से लागत में कमी आएगी, उत्पादकता बढ़ेगी। कॉरपोरेट सेक्टर में लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी और कम वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) की जरूरत पड़ेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने अक्तूबर 2021 में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान लॉन्च किया था।
भारतीय सरकारी बॉन्ड शुक्रवार से जेपी मॉर्गन गवर्नमेंट बॉन्ड इंडेक्स-इमर्जिंग मार्केट (जीबीआई-ईएम) में शामिल होंगे। भारत का जेपी मॉर्गन ईएम बॉन्ड इंडेक्स में एक फीसदी भार होगा। 28 जून से शुरू होकर 31 मार्च, 2025 तक 10 महीने की अवधि में धीरे-धीरे बढ़कर 10 फीसदी हो जाएगा। इससे भारत के बॉन्ड बाजार में 20-22 अरब डॉलर के विदेशी निवेश का अनुमान है।
हालांकि, पिछले साल सितंबर में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद से भारत के इंडेक्स योग्य बॉन्डों में पहले ही 10 अरब डॉलर का निवेश आ चुका है। इस पहल का असर यह होगा कि विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि से भारतीय सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ेगी, जिससे बॉन्ड की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
डायनस्टेन आईपीओ एनएसई पर होगा सूचीबद्ध, आज अंतिम दिन
स्टाफिंग एवं आईटी सेवाप्रदाता डायनस्टेन टेक लि. का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) शुक्रवार को बंद हो जाएगा। कंपनी का यह शेयर एनएसई पर सूचीबद्ध होगा। इसका मूल्य दायरा 95-100 रुपये है। आईपीओ में न्यूनतम 1,200 शेयर के आवेदन करना होगा। कंपनी के सीईओ शिव प्रसाद नंदूरी ने बताया, आईपीओ में कुल 20.97 लाख जारी किए गए हैं। इसमें से 7.34 लाख शेयर खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने कहा, इस आईपीओ से जुटाए गए रकम से हमें परिचालन को बढ़ाने और उसमें सुधार करने में मदद मिलेगी। हम निवेशकों से कंपनी की इस विकास यात्रा में शामिल होने की अपील करते हैं।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व डीएमके नेता को किया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ड्रग से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व डीएमके नेता जाफर सादिक को गिरफ्तार किया है। ईडी ने उनसे तिहाड़ जेल में पूछताछ की, जहां वह एनडीपीएस मामले में बंद थे। पूछताछ के बाद 26 जून को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश होने के बाद ईडी उनकी रिमांड मांगेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कार्ड से संबंधित कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएसबीसी) पर 29.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि एचएसबीसी पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 'क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और रुपये में नामित बैंकों के सह-ब्रांडेड प्री-पेड कार्ड संचालन' पर जारी कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। RBI ने कहा कि 31 मार्च, 2022 तक बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में उसके द्वारा पर्यवेक्षी मूल्यांकन (ISE 2022) के लिए एक वैधानिक निरीक्षण किया गया था। उसी निरीक्षण के आधार पर यह कार्रवाई की गई।