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Bureaucrats Extension: क्या मोदी सरकार में इन चार नौकरशाहों का आखिरी सेवा विस्तार है, कौन हैं ये 'चहेते' अफसर

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 31 May 2023 06:35 PM IST
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सार
Bureaucrats Extension: केंद्र में अफसरों को सेवा विस्तार देने बाबत कैबिनेट सचिवालय से सेक्रेटरी 'सिक्योरिटी' के पद से रिटायर पूर्व आईपीएस एवं सीआईसी रहे यशोवर्धन आजाद कहते हैं, रिटायरमेंट पर बैठे किसी अधिकारी को सेवा विस्तार देने से कई दूसरे अधिकारियों के हित प्रभावित होते हैं। कई अफसरों की वरिष्ठता खत्म हो जाती है...
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Bureaucrats Extension: last service extension of these four bureaucrats in the Modi government
Bureaucrats Extension - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

केंद्र सरकार में कई ऐसे नौकरशाह हैं, जिन्हें बार-बार सेवा विस्तार मिल रहा है। इनमें कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, रॉ चीफ सामंत गोयल और ईडी निदेशक संजय मिश्रा शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष उक्त अफसरों का आखिरी सेवा विस्तार संभव है। केंद्र सरकार में इस साल कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, रॉ चीफ व ईडी निदेशक के पद पर नए चेहरे देखे जा सकते हैं। संजय मिश्रा को तीसरी बार सेवा विस्तार दिये जाने और ईडी निदेशक का कार्यकाल पांच साल बढ़ाये जाने संबंधी संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। पिछले दिनों सर्वोच्च अदालत में केंद्र सरकार ने कहा था कि इन्हें नवंबर 2023 के बाद सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा। कैबिनेट सचिव गौबा को लगातार दूसरी बार यानी 2023 तक सेवा विस्तार मिला है। गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उन्हें तीसरा सेवा विस्तार मिला है। वे भी इस वर्ष रिटायर हो सकते हैं। रॉ प्रमुख सामंत गोयल को पहले 2021 में एक वर्ष का एक्सटेंशन दिया गया। उसके बाद गोयल को 2022 में भी एक साल का सेवा विस्तार मिल गया। वे 30 जून 2023 तक रॉ चीफ के पद पर हैं।

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कैबिनेट सचिव और गृह सचिव को मिला है सेवा विस्तार

झारखंड कैडर के 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव गौबा को 2019 में दो साल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे केंद्रीय गृह सचिव थे। 2021 में राजीव गौबा को पहला सेवा विस्तार मिला। अगस्त 2022 में उन्हें दोबारा से एक साल का सेवा विस्तार प्रदान किया गया। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम का मसौदा तैयार करने में कैबिनेट सचिव गौबा की अहम भूमिका रही थी। उन्हें केंद्रीय सचिवालय, पीएमओ और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में खासी महारथ हासिल है। केंद्र सरकार में ज्वाइन करने से पहले उन्होंने, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अजय कुमार भल्ला को अगस्त 2019 में केंद्रीय गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। भल्ला को नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उससे पहले ही केंद्र सरकार ने अक्तूबर 2020 में उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देकर उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया। गत वर्ष उन्हें तीसरा सेवा विस्तार दिया गया। उनका कार्यकाल अगस्त 2023 तक है।

रॉ चीफ और ईडी प्रमुख को भी मिला एक्सटेंशन

1984 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस सामंत गोयल को 2019 में 'रॉ' चीफ बनाया गया था। दो साल पूरे होने से पहले ही सामंत गोयल का कार्यकाल, एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बाद 2022 में कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सामंत गोयल का कार्यकाल 30 जून 2023 तक बढ़ा दिया। रॉ में उन्हें चार साल तक सेवा करने का अवसर मिला है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विश्वस्त माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मौजूदा निदेशक संजय कुमार मिश्रा, आयकर कैडर के 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा 'आईआरएस' के अधिकारी हैं। उन्हें नवंबर 2018 में दो वर्ष की अवधि के लिए जांच एजेंसी का प्रमुख बनाया गया था। नवंबर 2020 में उन्हें पहला सेवा विस्तार मिला।

ईडी निदेशक को मिला तीसरा सेवा विस्तार

भारत सरकार ने उनके नियुक्ति पत्र में संशोधन कर ईडी निदेशक के दो साल के कार्यकाल को बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया। 2021 में दोबारा से उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए ईडी और सीबीआई निदेशकों का कार्यकाल दो साल की अनिवार्य अवधि के बाद तीन वर्ष तक बढ़ाने का प्रावधान कर दिया। संजय मिश्रा को तीसरी बार सेवा विस्तार दे दिया गया। अब वे नवंबर 2023 तक ईडी निदेशक के पद पर बने रहेंगे। उनके सेवा विस्तार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख का कार्यकाल, सार्वजनिक हित में कई संवेदनशील मामलों में जांच की निरंतरता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए दो साल से बढ़ाकर पांच साल तक करने का प्रावधान किया गया है।

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'क्या देश में कोई आपातकाल है...'

केंद्र में अफसरों को सेवा विस्तार देने बाबत कैबिनेट सचिवालय से सेक्रेटरी 'सिक्योरिटी' के पद से रिटायर पूर्व आईपीएस एवं सीआईसी रहे यशोवर्धन आजाद कहते हैं, ये एक्सटेंशन नहीं दिया जाना चाहिए। ये उस वक्त तो ठीक है, जब देश में आपातकाल हो। सरकार को ट्रांसफर पोस्टिंग करने का समय ही नहीं मिला हो। रिटायरमेंट पर बैठे किसी अधिकारी को सेवा विस्तार देने से कई दूसरे अधिकारियों के हित प्रभावित होते हैं। कई अफसरों की वरिष्ठता खत्म हो जाती है। क्या कुछ अफसरों को राजनीतिक स्वार्थों के चलते सेवा विस्तार मिल रहा है। नौकरशाह का अपना भी कोई हित रहता होगा। लोगों को यह जानने का अधिकार है कि किसी व्यक्ति को एक्सटेंशन मिला है, तो उसके पीछे क्या कारण हैं। उस व्यक्ति में क्या खासियत है। सरकार को उस बारे में लोगों को बताना चाहिए। नौकरशाहों को लोगों के टैक्स से वेतन मिलता है, इसलिए उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि किस अधिकारी को सरकार क्यों सेवा विस्तार दे रही है।

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