Budget Day Share Market: बजट पर बाजार से मिली मिलीजुली प्रतिक्रिया, जानें मोदीराज में शेयर मार्केट का ट्रेंड
Share Market on Budget Day History: बीते पांच सालों का ट्रेंड देखें तो बजट से ठीक एक महीने पहले चार बार शेयर बाजार को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सिर्फ 2018 में निफ्टी-50 में करीब चार प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया था।
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केंद्रीय बजट की घोषणाओं के बीच शेयर बाजार में बुधवार को मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 158.18 अंकों की बढ़त के साथ 59,708.08 अंकों पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला निफ्टी 50 इंडेक्स 45.85 अंक टूटकर 17616.30 अंकों पर बंद हुआ।
इससे पहले घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पॉजिटिव हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। वित्तमंत्री सीतारमण के बजट भाषण के दौरान भी शेयर बाजार में मजबूती देखी गई। सेंसेक्स करीब 1100 अंको की बढ़त के साथ 60 हजार के पार चला गया। वहीं निफ्टी में भी 274 अंकों की बढ़त देखी गई। हालांकि, बजट के बाद शेयर बाजार फिसलता नजर आया।
इससे पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने शेयर बाजार में भूचाल मचाकर रख दिया था। दिग्गज कारोबारी व एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी के शेयरों में भारी गिरावट हुई और तीन दिन में उनकी संपत्ति को 34 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ।
आलम यह हुआ कि दुनिया के शीर्ष-10 अमीरों की सूची में चौथे नंबर पर शुमार अदाणी 11वें स्थान पर खिसक गए। बजट से ठीक पहले शेयर बाजार में इस तरह की उठापटक कोई नई नहीं है। बीते पांच सालों का ट्रेंड देखें तो बजट से ठीक एक महीने पहले चार बार शेयर बाजार को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सिर्फ 2018 में निफ्टी-50 में करीब चार प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया था। वहीं, अन्य चार सालों में शेयर इंडेक्स में 0.2 से 2.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
पिछले साल बजट वाले दिन कैसी रही थी शेयर बाजार की चाल?
एक फरवरी, 2022 को मोदी सरकार ने अपना पिछला बजट पेश किया था। बजट के दिन सूचकांक में 1.4% का उछाल देखा गया। दिन के कारोबार में निफ्टी 367 अंक चढ़कर 17,622 पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में यह 30 अंक गिरकर 17,577 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स में 1.5 प्रतिशत का उछाल देखा गया। यह 848.40 अंक चढ़कर 58,862.57 पर बंद हुआ।
मोदीराज के हर बजट में बाजार का हाल
2014 में बजट
यूपीए सरकार के बाद 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई और तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई को अपना पहला केंद्रीय बजट पेश किया। बजट वाले दिन, निफ्टी में मामूली बिकवाली देखी गई और बाजार 0.2% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
2015 में बजट
तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपना दूसरा बजट पेश किया था। बजट वाले दिन बाजार में 0.7% की बढ़त देखी गई। हालांकि, बजट के बाद निफ्टी में मामूली बिकवाली देखी गई और एक महीने में लगभग 4.6% की गिरावट आई।
2016 में बजट
2016 में बजट बाजार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और बजट के दिन निफ्टी 0.6% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, बजट के बाद सकारात्मक बदलाव आया और एक महीने में निफ्टी में 10 फीसदी से ज्यादा की जोरदार तेजी दर्ज की गई।
2017 में बजट
2018 में बजट
तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी, 2018 को अपना अंतिम बजट पेश किया। यह जीएसटी लागू करने के बाद पहला केंद्रीय बजट था। निफ्टी के शेयरों में 0.2% की मामूली गिरावट देखी गई। इसके बाद भी बाजार में गिरावट जारी रही और एक महीने में निफ्टी में 6% की गिरावट दर्ज की गई।
2019 में बजट
2019 में निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री बनीं। पांच जुलाई को बजट पेश किया गया और निफ्टी 1.1% की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में गिरावट जारी रही और एक महीने बाद निफ्टी में 8% की गिरावट आई। 2011 से 2021 के बीच बजट घोषणा के बाद बाजार के लिहाज से ये सबसे खराब आंकड़े थे।
2020 में बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को अपना दूसरा बजट पेश किया। बाजार में लगातार दूसरी बार गिरावट देखी गई। निफ्टी 2.5% गिरावट के साथ बंद हुआ।
2021 में बजट
निर्मला सीतारमण ने अपना तीसरा बजट पेश किया। कोरोना के कारण यह बजट टैबलेट के माध्यम से पेश किया गया। निफ्टी के शेयरों में भारी उछाल देखा गया और यह 4.7% बढ़ोत्तरी पर जाकर बंद हुआ।
2022 में बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया। सेंसेक्स 0.27 फीसदी बढ़ोतरी के साथ हुआ। वहीं, निफ्टी में 0.26 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।