Budget 2021 : रेलवे के लिए बड़ी चुनौती होगा फ्रेट कॉरिडोर का मोनेटाइजेशन
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बजट में भारतीय रेलवे से जुड़े कई महत्वपूर्ण एलान किए गए हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि रेलवे के समर्पित माल ढुलाई गलियारे एनएचएआई के टोल रोड, एयरपोर्ट जैसे संसाधनों को निजी हाथों में सौंपा जाएगा यानी असेट मोनेटाइजेशन मैनेजमेंट के दायरे में लाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और रेलवे के लिए माल ढुलाई गलियारे को मोनेटाइज करना बड़ी चुनौती होगा।
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुबोध जैन ने अमर उजाला से चर्चा में कहा, बजट में रेलवे के लिए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर का निजीकरण सबसे अहम है। यह कॉरिडोर 2022 तक बनकर तैयार होगा। इसे बनने में करीब 80 हजार करोड से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इसमें जब तक व्यावसायिक मॉडल नहीं होगा तब तक ये इनका निजीकरण कैसे किया जाएगा? अगर कोई निजी कंपनी इसे लेने में रुचि दिखाती भी है तो वो यह देखना चाहेगी कि राजस्व कहां से आएगा। जब तक सरकार कोई राजस्व गारंटी नहीं देती तब तक इसे निजी हाथों में सौंपना बहुत मुश्किल है। अब तक रेलवे के पास इस तरह की कोई नीति नहीं है, जिसमें रेलवे ने किसी को राजस्व गारंटी दी हो।
कितना राजस्व मिलेगा, अभी कहना मुश्किल
उन्होंने आगे बताया कि, ये गलियारे अभी तक पूरी तरह बनकर तैयार ही नहीं हुए हैं। इसके कारण इससे कितना राजस्व मिलेगा, इसका आकलन करना बहुत मुश्किल है। सरकार ने इसे बनाने में वर्ल्ड बैंक और जापान से कर्जा लिया हैं। लागत से कम में निजी हाथों मे देना रेलवे के लिए असुविधाजनक होगा। वहीं निजी कंपनी उतना पैसा देगी भी या नहीं, ये बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में रेलवे का कैपिटल अकाउंट से खर्चा 50 हजार करोड़ रुपये तक रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और हाई स्पीड को शामिल नहीं करें तो आज भारतीय रेलवे के पास एक लाख करोड़ खर्च करने के लिए जितना इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए वह भी संदिग्ध है, क्योंकि रेलवे में काम करना इतना आसान नहीं होता है।
वित्तमंत्री ने बजट में रेलवे के लिए की है ये घोषणाएं
बजट भाषण देते हुए सीतामरण ने कहा, रेलवे के लिए राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार हो गई है। रेलवे के अलावा मेट्रो सेवाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। कोच्चि, बेंगलुरु, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने का एलान किया गया है। 702 किमी मेट्रो अभी चल रही हैं। 27 शहरों में कुल 1016 किमी मेट्रो पर काम चल रहा है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि उद्योगों के लिए रेल माला भाड़ा कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। जून 2022 तक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और ईस्टर्न ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लागू कर दिया जाएगा। 2021-22 में पूर्वी डीएफसी का 263 किलोमीटर लंबा सोननगर गोमो खंड पीपीपी मोड में शुरू किया जाएगा। वहीं, खड़गपुर-विजयवाड़ा, भुसावल-खड़गपुर, इटारसी-विजयवाड़ा कॉरिडोर बनाए जाएंगे। वहीं दिसंबर 2023 तक ब्रॉडगेज लाइन का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण होगा।
नया कुछ नहीं, नेशनल रेल प्लान भी दिसंबर में बता चुकी है सरकार
वित्तमंत्री ने अपने बजट में भारतीय रेलवे को लेकर कुछ खास घोषणाएं नहीं की हैं। बजट में जिस नेशनल रेल प्लान 2030 की जानकारी दी गई है वह भी दिसंबर 2020 में ही रेलवे बता चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट में रेलवे और यात्रियों के लिए कुछ खास नहीं हैं। नेशनल रेल प्लान का ड्राफ्ट दिसंबर में आ चुका था।