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NEET: केंद्र पर खरगे का करारा हमला, कहा- घोटाले के लिए सरकार के शीर्ष अधिकारी जिम्मेदार; स्टालिन ने भी कसा तंज
Sun, 23 Jun 2024 02:33 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 23 Jun 2024 02:33 PM IST
सार
NEET Row: मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और कहा कि भाजपा जितनी भी कोशिश कर लें- धांधली, भ्रष्टाचार और शिक्षा माफिया को बढ़ावा देने की अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने इसके लिए सरकार के शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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केंद्र पर खरगे का करारा हमला, स्टालिन ने भी कसा तंज
- फोटो : ANI
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विस्तार
नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने कार्रवाई करते हुए एनटीए के डायरेक्टर जनरल पद से सुबोध कुमार सिंह को हटा दिया है। फिलहाल उनकी जगह प्रदीप सिंह खरोला को नया डायरेक्टर बनाया गया है। लेकिन इस सब के बीच कांग्रेस की तरफ से केंद्र सरकार पर जुबानी हमले लगातार जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी में नौकरशाही में फेरबदल को लेकर निशाना साधा और कहा कि इस धांधली की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों पर है।
'नौकरशाहों को हटाना बर्बाद शिक्षा व्यवस्था का समाधान नहीं'
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी एक को एक स्वायत्त निकाय के रूप में पेश किया गया था, लेकिन वास्तव में इसे भाजपा और आरएसएस के कपट हितों की सेवा के लिए बनाया गया था। उन्होंने आगे लिखा नीट घोटाले की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों के दरवाजे पर रुकती है। लेकिन इस घोटले के बाद नौकरशाहों को हटाना भाजपा की बर्बाद की शिक्षा व्यवस्था की समस्या का समाधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए मोदी सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
एनटीए के महानिदेशक सुबोध सिंह पद से हटाए गए
नीट विवाद में शनिवार को केंद्र सरकार ने हाल के दिनों में प्रभावित होने वाली चौथी प्रवेश परीक्षा, नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा को भी स्थगित कर दिया और एनटीए के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटाते हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में धांधली की जांच सीबीआई को सौंप दी। वहीं मामले में शिक्षा मंत्रालय ने एजेंसी के कामकाज की समीक्षा करने और परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय पैनल का गठन किया है।
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शिक्षा व्यवस्था में शिक्षा माफिया ने की घुसपैठ- खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि नीट-पीजी की परीक्षा स्थगित कर दी और पिछले 10 दिनों में सभी चार परीक्षाओं को रद्द या स्थगित किया गया है। पेपर लीक, भ्रष्टाचार, धांधली और शिक्षा माफिया ने हमारे शिक्षा व्यवस्था में घुसपैठ कर ली है। जिसके बाद अब इस कार्रवाई का कोई मतलब और महत्व नहीं है क्योंकि अभी भी अनगिनत युवा पीड़ित हैं।
राहुल-प्रियंका ने भी केंद्र पर साधा निशाना
वहीं इस पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा माफिया और पेपर लीक रैकेट के सामने असहाय बताया था। इस दौरान कांग्रेस नेता ने दावा किया था भाजपा छात्रों के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। जबकि कांग्रेस नेता और वायनाड लोकसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को माफिया और भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया है।
एमके स्टालिन ने भी कसा तंज
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मामले में केंद्र सरकार पर तंज कसा और कहा कि नीट-पीजी परीक्षा और यूजीसी-नेट को रद्द करना एक बार की घटना नहीं है। बल्कि ये केंद्रीकृत चयन की अक्षम और खराब व्यवस्था के ताबूत में अंतिम कील है। स्टालिन ने आगे कहा कि नीट-पीजी और यूजीसी-नेट को रद्द करने से हमारे हजारों डॉक्टर बुरी तरह हताश हैं।
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'नौकरशाहों को हटाना बर्बाद शिक्षा व्यवस्था का समाधान नहीं'
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी एक को एक स्वायत्त निकाय के रूप में पेश किया गया था, लेकिन वास्तव में इसे भाजपा और आरएसएस के कपट हितों की सेवा के लिए बनाया गया था। उन्होंने आगे लिखा नीट घोटाले की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों के दरवाजे पर रुकती है। लेकिन इस घोटले के बाद नौकरशाहों को हटाना भाजपा की बर्बाद की शिक्षा व्यवस्था की समस्या का समाधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए मोदी सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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एनटीए के महानिदेशक सुबोध सिंह पद से हटाए गए
नीट विवाद में शनिवार को केंद्र सरकार ने हाल के दिनों में प्रभावित होने वाली चौथी प्रवेश परीक्षा, नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा को भी स्थगित कर दिया और एनटीए के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटाते हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में धांधली की जांच सीबीआई को सौंप दी। वहीं मामले में शिक्षा मंत्रालय ने एजेंसी के कामकाज की समीक्षा करने और परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय पैनल का गठन किया है।
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शिक्षा व्यवस्था में शिक्षा माफिया ने की घुसपैठ- खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि नीट-पीजी की परीक्षा स्थगित कर दी और पिछले 10 दिनों में सभी चार परीक्षाओं को रद्द या स्थगित किया गया है। पेपर लीक, भ्रष्टाचार, धांधली और शिक्षा माफिया ने हमारे शिक्षा व्यवस्था में घुसपैठ कर ली है। जिसके बाद अब इस कार्रवाई का कोई मतलब और महत्व नहीं है क्योंकि अभी भी अनगिनत युवा पीड़ित हैं।
राहुल-प्रियंका ने भी केंद्र पर साधा निशाना
वहीं इस पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा माफिया और पेपर लीक रैकेट के सामने असहाय बताया था। इस दौरान कांग्रेस नेता ने दावा किया था भाजपा छात्रों के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। जबकि कांग्रेस नेता और वायनाड लोकसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को माफिया और भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया है।
एमके स्टालिन ने भी कसा तंज
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मामले में केंद्र सरकार पर तंज कसा और कहा कि नीट-पीजी परीक्षा और यूजीसी-नेट को रद्द करना एक बार की घटना नहीं है। बल्कि ये केंद्रीकृत चयन की अक्षम और खराब व्यवस्था के ताबूत में अंतिम कील है। स्टालिन ने आगे कहा कि नीट-पीजी और यूजीसी-नेट को रद्द करने से हमारे हजारों डॉक्टर बुरी तरह हताश हैं।