फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BSF Soldier vs MLA case soldier accused of forcibly removing ghunghat MLA babu Singh Rathore

BSF Soldier vs MLA: जवान को धमकाने वाले मामले में नया मोड़, सैनिक पर लगा जबरन घूंघट उठवाने का आरोप

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 10 May 2024 07:09 PM IST
विज्ञापन
सार
महिलाओं का आरोप है कि बीएसएफ जवान उनकी आईडी जांच करने के दौरान घूंघट उठवा रहे थे। इससे महिलाओं में आक्रोश पैदा हो गया। उन्होंने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
loader
BSF Soldier vs MLA case soldier accused of forcibly removing ghunghat MLA babu Singh Rathore
भाजपा विधायक और बीएसएफ जवान - फोटो : amarujala

विस्तार

लोकसभा चुनाव में दूसरे चरण के मतदान के दिन राजस्थान के जोधपुर के एक गांव में हुआ विवाद अब तूल पकड़ने लगा है। विवाद की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई है। 26 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गांव नाथडाऊ के मतदान केंद्र पर विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर विवाद का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। उसमें शेरगढ़ के भाजपा विधायक बाबू सिंह राठौड़, बीएसएफ जवान के साथ बुरा सलूक कर रहे थे। वे जवान को धमकी दे रहे थे।

वायरल वीडियो का असर यह हुआ कि पुलिस ने बाबू सिंह राठौड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। उसके बाद शेरगढ़ की महिलाओं ने जोधपुर के जिला कलेक्टर/डीएम के मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायती पत्र लिखा है। इसमें महिलाओं ने बीएसएफ के उपनिरीक्षक विकास और पीठासीन अधिकारी बालू सिंह पर मतदान के दौरान दुर्व्यवहार, अपमानित करने व लज्जा भंग करने का आरोप लगाया है। बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद कहते हैं, सीमा सुरक्षा बल का काम कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देना है। वायरल वीडियो में बीएसएफ जवान की कोई गलती नहीं है। विधायक के खिलाफ अभद्रता करने का मामला दर्ज हुआ है।

नाथडाऊ गांव की महिलाओं ने मामले में जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं का कहना था कि वोटिंग के दौरान बीएसएफ जवान ने उनसे घूंघट हटाने के लिए कहा। राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि वे अपना घूंघट, केवल परिजनों के सामने ही उठाती हैं। महिलाओं ने जोधपुर के जिला कलेक्टर/डीएम के मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायती पत्र लिखा है। इसमें महिलाओं ने बीएसएफ के उपनिरीक्षक विकास और पीठासीन अधिकारी बालू सिंह पर मतदान के दौरान दुर्व्यवहार, अपमानित करने व लज्जा भंग करने का आरोप लगाया है। पत्र में आजाद राजीविका सर्वांगीण विकास सहकारी समिति लि. का जिक्र है। इस संगठन को जानकारी मिली है कि 26 अप्रैल को ग्राम नाथडाऊ के मतदान केंद्र पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने की घटना हुई थी।

प्रधानमंत्री को भेजे शिकायती पत्र पर मनफूल कंवर, देवी, सोमती, उगमो देवी, सुमन कंवर, प्रदीप कंवर, बाबू कंवर, लीला देवी, गुलाब और जेती देवी आदि महिलाओं के हस्ताक्षर हैं। शिकायती पत्र के मुताबिक, मतदान केंद्र के गेट पर महिलाओं की भीड़ जमा हो गई थी। यह सूचना मिलने पर वहां उत्तम सिंह, श्रवण सिंह, हनुवंत सिंह, पुरखाराम और लूणाराम आदि व्यक्ति मतदान केंद्र पर पहुंचे। महिलाओं का आरोप था कि बीएसएफ जवान उनकी आईडी जांच करने के दौरान घूंघट उठवा रहे थे। इससे महिलाओं में आक्रोश पैदा हो गया। उन्होंने मतदान का बहिष्कार कर दिया। शिकायती पत्र में लिखा है कि मतदाताओं ने जब इसका विरोध किया तो बीएसएफ अधिकारी ने उन्हें धमकाया। बीएसएफ अधिकारी का नाम उपनिरीक्षक विकास है। इस पत्र में पीठासीन अधिकारी बालू सिंह पर मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगा है।

शिकायत में बीएसएफ अधिकारी पर शराब के सेवन का आरोप लगाया है। आधार कार्ड और परिचय पत्र का मिलान न होने की बात कहकर ग्रामीण महिलाओं को मताधिकार से वंचित कर दिया। मतदान केंद्र पर महिला अधिकारी तैनात नहीं थी। आरोपों में स्थानीय विधायक के साथ बुरे व्यवहार की बात भी कही गई है। संगठन का कहना है कि बीएसएफ के उपनिरीक्षक और पीठासीन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ भाजपा विधायक बाबू सिंह राठौड़ के खिलाफ जो केस दर्ज किया गया था, उसकी जांच की जा रही है। पीठासीन अधिकारी द्वारा जब विधायक सहित अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया तो उसके दूसरे ही दिन महिलाओं  द्वारा पीठासीन अधिकारी और बीएसएफ जवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

क्या बोले पूर्व एडीजी
बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद ने बताया, चुनावी ड्यूटी के दौरान इस बल का काम लोकल पुलिस को सहयोग देना होता है। सीमा सुरक्षा बल का काम लॉ एंड ऑर्डर देखना है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराना है। वोटर की आईडी जांचना बीएसएफ का काम नहीं है। वहां पहुंचे विधायक बीएसएफ जवान के साथ गलत भाषा का प्रयोग कर रहा था। विधायक द्वारा की गई अभद्रता का वह वीडियो वायरल हुआ है। उसमें बीएसएफ जवान की कहीं कोई गलती नहीं है। जब विधायक आए, तो उस वक्त महिला वोटर नहीं थी। वह मतदान केंद्र के अंदर जाकर चुनाव अधिकारी पर चिल्ला रहे था। इस मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है। पुलिस ने पहले विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी वह जांच चल रही है, लेकिन इस बीच बीएसएफ कर्मी और पीठासीन अधिकारी पर कार्रवाई की मांग उठाई जाने लगी।

सीआरपीएफ के पूर्व कैडर अधिकारी सर्वेश त्रिपाठी कहते हैं, बीएसएफ अधिकारी पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक तो स्थानीय लोगों को अपने समर्थन में ला सकता है, लेकिन बीएसएफ जवान अपने साथ किसे खड़ा करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed