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असम में बीएसएफ जवान और उसकी पत्नी को बताया विदेशी
Sat, 24 Aug 2019 06:17 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोलाघाट (असम)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोलाघाट (असम)
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 24 Aug 2019 06:17 AM IST
सार
- बिना सूचना दिए एक ट्रिब्यूनल ने विदेशी करार दे दे दिया है
- सरकार से अपील है कि परिवार के दो सदस्यों की नागरिकता जारी रखी जाए
- जिससे साबित होता है कि वह भारतीय नागरिक हैं
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विस्तार
बीएसएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर और उसकी पत्नी को बिना सूचना दिए एक ट्रिब्यूनल ने विदेशी करार दे दे दिया है। पंजाब में तैनात मुजीबुर रहमान और उनकी पत्नी का आरोप है कि जोराहाट फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने पिछले साल दिसंबर में ऐसा किया, लेकिन सूचना पिछले महीने दी।
शुक्रवार को गोलाघाट के मीरापानी में मुजीबुर के पिता ने एक चैनल को बताया कि नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को होना है ऐसे में सरकार से अपील है कि परिवार के दो सदस्यों की नागरिकता जारी रखी जाए। उन्होंने दावा कि उनके परिवार के पास ऐसे साक्ष्य और जमीनी कागजात हैं, जिससे साबित होता है कि वह भारतीय नागरिक हैं।
सीएम ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा
नागरिक रजिस्टर के अंतिम प्रकाशन को लेकर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद ने शुक्रवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नर और 33 जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। निर्देश दिया कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हालात पर पूरी तरह से नजर रखें।
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शुक्रवार को गोलाघाट के मीरापानी में मुजीबुर के पिता ने एक चैनल को बताया कि नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को होना है ऐसे में सरकार से अपील है कि परिवार के दो सदस्यों की नागरिकता जारी रखी जाए। उन्होंने दावा कि उनके परिवार के पास ऐसे साक्ष्य और जमीनी कागजात हैं, जिससे साबित होता है कि वह भारतीय नागरिक हैं।
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सीएम ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा
नागरिक रजिस्टर के अंतिम प्रकाशन को लेकर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद ने शुक्रवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नर और 33 जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। निर्देश दिया कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हालात पर पूरी तरह से नजर रखें।
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