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Indian Army: बीएसएफ ने शुरू की एआई आधारित डीएसएस प्रणाली, सीमा सुरक्षा होगी और पुख्ता
Tue, 30 Sep 2025 05:24 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 30 Sep 2025 05:24 AM IST
सार
बीएसएफ ने सीमा सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एआई और जीआईएस से लैस डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) लॉन्च किया। यह प्रणाली नक्शे, लाइव डेटा और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर घुसपैठ के संभावित रूट और असामान्य गतिविधियों की भविष्यवाणी कर तेज, सटीक और प्रभावी निर्णय लेने में मदद करेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी सीमाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सोमवार को बीएसएफ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) से लैस एक नई नियंत्रण प्रणाली डीएसएस की शुरुआत की। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) नाम की इस प्रणाली की मदद से बीएसएफ कमांडर सीमा सुरक्षा से जुड़े बहुत सारे डेटा और जानकारी को एक साथ जोड़कर तेज़, बेहतर और सूझबूझ भरे फैसले ले पाएंगे। डीएसएस का उद्देश्य सीमा सुरक्षा से जुड़े निर्णयों को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाना है।
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एआई व मशीन लर्निंग से होगी भविष्यवाणी
डीएसएस के पास नक्शे, सीमाओं की जानकारी, इलाके का डाटा, सीमा का लाइव डेटा, पुराने ऑपरेशनों का रिकॉर्ड- मसलन कहां-कहां से घुसपैठ हुई, इत्यादि मौजूद होंगे। यह कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और मशीन लर्निंग का उपयोग कर सीमा पर घुसपैठ के संभावित रूट और असामान्य गतिविधियों की भविष्यवाणी कर सकती है।
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यह जानकारी मिलने से जवानों, वाहनों, उपकरणों या संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो पाएगा और ऑपरेशनों की योजना बनाना भी आसान होगा। बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने प्रणाली के उद्घाटन पर कहा कि यह प्रणाली बीएसएफ को सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे हम उभरते खतरों का समय रहते मुकाबला कर प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर सकेंगे।
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एआई व मशीन लर्निंग से होगी भविष्यवाणी
डीएसएस के पास नक्शे, सीमाओं की जानकारी, इलाके का डाटा, सीमा का लाइव डेटा, पुराने ऑपरेशनों का रिकॉर्ड- मसलन कहां-कहां से घुसपैठ हुई, इत्यादि मौजूद होंगे। यह कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और मशीन लर्निंग का उपयोग कर सीमा पर घुसपैठ के संभावित रूट और असामान्य गतिविधियों की भविष्यवाणी कर सकती है।
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