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BSF: 'बीएसएफ' व 'बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड' डीजी सम्मेलन, उठेगा 'घुसपैठ' का मुद्दा, फैंसिंग व भारतीय विद्रोही सम

Wed, 03 Jun 2026 08:09 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 03 Jun 2026 08:09 PM IST
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BSF-BGB DG Talks to Focus on Infiltration, Border Fencing and Insurgent Group
BSF - फोटो : Amar Ujala

बीएसएफ द्वारा आयोजित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) के बीच 57वां महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन 8 से 11 जून तक नई दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स, एफएसएफ मुख्यालय में आयोजित होगा। इस सम्मेलन में 'घुसपैठ', फैंसिंग और बांग्लादेश में 'भारतीय विद्रोही समूहों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तृत बातचीत होगी। सम्मेलन के दौरान, बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में भारत का बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल, बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी के नेतृत्व में बीजीबी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेगा। 

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यह सम्मेलन सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान, बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर हमलों की रोकथाम, सीमा पार अपराधों को रोकना, बांग्लादेशी अपराधियों के भारत में प्रवेश पर रोक लगाने, बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बाड़ उल्लंघन के मामले, फैंसिंग, बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों (आईआईजी) के खिलाफ कार्रवाई, सीमा अवसंरचना से संबंधित मुद्दे, विश्वास निर्माण उपाय (सीबीएम) और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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बता दें कि पिछला बीएसएफ-बीजीबी सीमा समन्वय सम्मेलन 25 से 28 अगस्त 2025 तक ढाका (बांग्लादेश) में आयोजित किया गया था। 1975 में यह परिकल्पना की गई थी कि दोनों संबंधित देशों के सीमा अधिकारियों के बीच तत्काल प्रशासनिक महत्व के मामलों पर चर्चा करने के लिए नियमित संपर्क होना चाहिए। बीएसएफ के पूर्व महानिदेशक अश्वनी कुमार के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल और बीडीआर (अब बीजीबी) के पूर्व महानिदेशक मेजर जनरल काजी गुलाम दस्तगीर के नेतृत्व में एक बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने आपसी सीमा समस्याओं पर चर्चा करने के लिए 2 दिसंबर 1975 को कोलकाता में पहली बार मुलाकात की थी। तब से लेकर 1993 तक, बीएसएफ के महानिदेशक और बांग्लादेश के महानिदेशक के बीच बैठकें बारी-बारी से भारत और बांग्लादेश में वार्षिक रूप से आयोजित की जाती रहीं।
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7 से 9 अक्टूबर, 1993 तक ढाका (बांग्लादेश) में भारत और बांग्लादेश के गृह सचिवों के बीच हुई चर्चाओं के दौरान यह सहमति बनी कि बीएसएफ और बांग्लादेश के महानिदेशक स्तर की बैठकें द्विवार्षिक रूप से आयोजित की जाएंगी। उक्त बैठक में हुई चर्चाओं के स्वीकृत सारांश में इस बात पर जोर दिया गया कि आपसी हितों और चिंताओं से संबंधित क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान घनिष्ठ संपर्क और विभिन्न स्तरों पर निरंतर सार्थक संवाद के माध्यम से क्रमिक रूप से किया जा सकता है। इसके बाद से बीएसएफ के महानिदेशक और बांग्लादेश के महानिदेशक बारी-बारी से दिल्ली और ढाका में वर्ष में दो बार सीमा समन्वय बैठकें आयोजित करते रहे हैं। इन बैठकों की चर्चाओं का संयुक्त रिकॉर्ड प्रत्येक बैठक के बाद गृह मंत्रालय को भेजा जाता है।

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